झुंझुनूं में निकाय चुनाव: लाइसेंसी हथियार जमा कराने के आदेश
झुंझुनूं। नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 को शांतिपूर्ण, स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम उठाया है।
जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने जिले के सभी शहरी नगरीय निकाय क्षेत्रों में लाइसेंसी हथियार जमा कराने के आदेश जारी किए हैं।
आदेश के तहत शस्त्र अनुज्ञापत्रधारियों को अपने हथियार संबंधित पुलिस थानों में तत्काल जमा कराने होंगे।
शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए फैसला
जिला प्रशासन के अनुसार चुनाव के दौरान शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने और विभिन्न वर्गों के बीच तनाव की संभावनाओं को रोकने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
शहरी निकाय क्षेत्रों में रहने वाले संबंधित शस्त्र लाइसेंसधारियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपने हथियार पुलिस थाने में जमा कराने होंगे।
किन लोगों पर लागू नहीं होगा आदेश?
जिला मजिस्ट्रेट के आदेश में कुछ श्रेणियों को हथियार जमा कराने से छूट दी गई है।
इन पर आदेश लागू नहीं होगा:
- सीमा सुरक्षा बल
- अर्द्धसैनिक बल
- सैन्य बल
- राजस्थान पुलिस
- सिविल डिफेंस
- होमगार्ड
- कानून व्यवस्था के लिए हथियार रखने के अधिकृत केंद्र एवं राज्य सरकार के कर्मचारी
- नियमानुसार राइफल एसोसिएशन एवं स्पोर्ट्समैन से जुड़े सदस्य
इन श्रेणियों के हथियारधारक निर्धारित नियमों के अनुसार इस आदेश के दायरे से बाहर रहेंगे।
थानाधिकारियों को भी दिए निर्देश
जिला मजिस्ट्रेट ने संबंधित थानाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में आने वाले शस्त्र अनुज्ञापत्रधारियों के हथियार जमा कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करें।
पुलिस स्तर पर हथियार जमा कराने की प्रक्रिया की निगरानी की जाएगी।
आदेश नहीं माना तो होगी कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हथियार जमा कराने के आदेश की अवहेलना करने वाले शस्त्र अनुज्ञापत्रधारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे मामलों में आर्म्स एक्ट, 1959 के प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
चुनाव को लेकर सुरक्षा व्यवस्था सख्त
निकाय चुनाव 2026 के मद्देनजर झुंझुनूं जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
लाइसेंसी हथियार जमा कराने का यह कदम चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने, किसी भी संभावित तनाव को रोकने और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया है।






