चिड़ावा की अरडावतिया कॉलोनी निवासी रमेश ने ईमानदारी की मिसाल पेश करते हुए झुंझुनूं कोर्ट परिसर में मिले 5 हजार रुपये उनके वास्तविक मालिक को लौटाकर सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया। उनकी इस पहल की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है।
कोर्ट परिसर में गिर गए थे रुपये
जानकारी के अनुसार मझाऊ निवासी सीताराम किसी कार्य से झुंझुनूं कोर्ट पहुंचे थे। इसी दौरान उनके 5 हजार रुपये कहीं गिर गए। काफी तलाश के बावजूद रुपये नहीं मिले तो वे दोबारा कोर्ट परिसर पहुंचे और वहां मौजूद अधिवक्ताओं को पूरी जानकारी दी।
रमेश ने दिखाई ईमानदारी
उधर, कोर्ट परिसर में मौजूद चिड़ावा निवासी रमेश को रुपये मिले। उन्होंने रुपये अपने पास रखने के बजाय वहां मौजूद अधिवक्ताओं को अपना नाम, पता और मोबाइल नंबर देकर कहा कि यदि रुपये का वास्तविक मालिक मिले तो उनसे संपर्क कराया जाए।
जब सीताराम ने अधिवक्ताओं को रुपये खोने की जानकारी दी, तब उन्हें रमेश का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया गया। इसके बाद दोनों के बीच संपर्क हुआ।
मध्यस्थता में लौटाई रकम
संपर्क होने के बाद सीताराम चिड़ावा पहुंचे, जहां पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष चिड़ावा कॉलेज मनीष थालौर की मध्यस्थता में रमेश ने उन्हें 5 हजार रुपये वापस सौंप दिए।
राशि मिलने पर सीताराम ने रमेश की ईमानदारी की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया।
सामाजिक जिम्मेदारी का बना उदाहरण
इस अवसर पर देवेन्द्र चौधरी, एडवोकेट नंदलाल सैनी, मुलचंद श्योपुरा, सिकंदर नायक, सहीराम सैनी, अंकित शर्मा, जगदीश नायक और प्रदीप सैनी सहित कई लोग मौजूद रहे।
स्थानीय लोगों ने कहा कि आज के समय में खोई हुई रकम या सामान का सुरक्षित वापस मिलना दुर्लभ माना जाता है। ऐसे में रमेश का यह कार्य सामाजिक जिम्मेदारी, नैतिक मूल्यों और ईमानदारी का प्रेरणादायक उदाहरण है।






