लोकसभा में झुंझुनूं समेत राजस्थान के 1918 अंडरपासों का मुद्दा उठा
झुंझुनूं। झुंझुनूं सांसद बृजेंद्र सिंह ओला ने लोकसभा में झुंझुनूं लोकसभा क्षेत्र सहित देशभर के रेलवे अंडरपासों में जलभराव की समस्या का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि यह समस्या हर मानसून में गंभीर रूप ले लेती है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
63 अंडरपास झुंझुनूं में प्रभावित
सांसद ओला ने सदन में कहा कि सरकार स्वयं स्वीकार कर चुकी है कि:
- झुंझुनूं जिले में 63 रेलवे अंडरपास
- राजस्थान में कुल 1,918 अंडरपास
ऐसे हैं, जहाँ हर वर्ष बरसात में पानी भर जाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद सरकार के पास कोई ठोस और दीर्घकालिक योजना नहीं है।
“अस्थायी जुगाड़ नहीं, स्थायी समाधान चाहिए”
सांसद ने कहा कि अंडरपासों में पंप लगाना, पानी मोड़ना या बारिश के समय रास्ते बंद कर देना समाधान नहीं है।
“हर साल वही हालात, वही दुर्घटनाएँ और वही जनता की परेशानी देखने को मिलती है, लेकिन समाधान के नाम पर सिर्फ आश्वासन दिया जाता है,” ओला ने कहा।
उन्होंने इसे सरकार की गंभीरता की कमी बताया।
आमजन को होती है भारी परेशानी
बरसात के दौरान सड़क यातायात रोक देना आम जनता के प्रति गैर-जिम्मेदार रवैया है।
इससे मजदूर, किसान, विद्यार्थी और कर्मचारी सीधे प्रभावित होते हैं।
कई बार जलभराव के कारण दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है।
क्या है सांसद की मांग?
सांसद ओला ने स्पष्ट कहा कि रेलवे अंडरपासों के निर्माण के समय ही:
- स्थायी जल निकासी व्यवस्था
- आधुनिक तकनीक का उपयोग
- जिम्मेदार निगरानी प्रणाली
लागू की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में जलभराव की समस्या उत्पन्न ही न हो।
उन्होंने सरकार से इस दिशा में ठोस और दीर्घकालिक कदम उठाने की मांग की।
