बरसात के दौरान जलभराव की समस्या से जूझ रहे झुंझुनूं शहर के लिए राहत की उम्मीद जगी है। राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) के पंचम चरण के तहत जिले में 129.84 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य किए जाएंगे। इनमें जल निकासी व्यवस्था को मजबूत बनाने पर विशेष जोर रहेगा, जिससे हवाई पट्टी क्षेत्र, पंचदेव सर्किल, अग्रसेन सर्किल, राजपूत कॉलोनी सहित अन्य जलभराव वाले इलाकों में समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में काम होगा।
जिला प्रशासन के अनुसार परियोजना के तहत झुंझुनूं, चिड़ावा, नवलगढ़, मंडावा और खेतड़ी नगर में अपशिष्ट जल प्रबंधन, बाढ़ नियंत्रण, ड्रेनेज व्यवस्था, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, विरासत संरक्षण, पर्यटन विकास और आधुनिक शहरी परिवहन से जुड़े कार्य किए जाएंगे।
जल निकासी और सीवरेज पर सबसे अधिक खर्च
परियोजना की कुल 129.84 करोड़ रुपये की लागत में से 115.39 करोड़ रुपये अपशिष्ट जल प्रबंधन पर खर्च किए जाएंगे। वहीं 6.02 करोड़ रुपये बाढ़ प्रबंधन एवं ड्रेनेज व्यवस्था तथा 8.43 करोड़ रुपये कमांड एंड कंट्रोल सेंटर एवं विरासत संरक्षण कार्यों के लिए निर्धारित किए गए हैं।
इन कार्यों के पूरा होने के बाद शहरों में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने और बारिश के दौरान जलभराव की समस्या कम करने का लक्ष्य रखा गया है।
5 अगस्त से शुरू होगा ‘आरयूआईडीपी संवाद’
परियोजनाओं को अंतिम रूप देने से पहले आमजन और विभिन्न वर्गों के सुझाव लेने के लिए ‘आरयूआईडीपी संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसकी शुरुआत 5 अगस्त को मंडावा से होगी।
इसके बाद 7 अगस्त को झुंझुनूं में जनप्रतिनिधियों, पूर्व पार्षदों, प्रबुद्धजनों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों, मीडिया प्रतिनिधियों और अन्य स्टेकहोल्डर्स के साथ विस्तृत संवाद आयोजित किया जाएगा।
स्थानीय सुझावों के आधार पर बनेगी विकास योजना
जिला कलक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने कहा कि शहरों की बढ़ती आबादी और बदलती आवश्यकताओं को देखते हुए मजबूत शहरी आधारभूत सुविधाओं का विकास आवश्यक है। संवाद कार्यक्रम के माध्यम से स्थानीय लोगों के सुझावों को शामिल कर परियोजनाओं को अधिक प्रभावी और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाया जाएगा।
आरयूआईडीपी के अधिशाषी अभियंता देवेंद्र सैनी ने बताया कि पंचम चरण में आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम, अपशिष्ट जल प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि इन कार्यों से नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी और बरसात के दौरान जलभराव की समस्या में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि आरयूआईडीपी का पंचम चरण राज्य सरकार की बजट घोषणा 2025-26 के तहत संचालित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रदेश के 84 शहरी निकायों में लगभग 9,500 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य प्रस्तावित हैं।






