झुंझुनूं। भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधीन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने अधिवक्ता संजय महला को अपना वरिष्ठ अधिवक्ता नियुक्त किया है। उन्हें NHAI से जुड़े मामलों में पैरवी की जिम्मेदारी दी गई है।
संजय महला मूल रूप से झुंझुनूं तहसील के खाजपुर नया गांव के रहने वाले हैं। वे राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर और सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली में वकालत करते हैं।
केंद्र सरकार के कई विभागों से जुड़े मामलों में कर रहे पैरवी
वर्तमान में महला केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों से जुड़े मामलों में राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर में वरिष्ठ अधिवक्ता के तौर पर जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
इनमें मुख्य रूप से गृह, रक्षा, रेलवे, कार्मिक, वित्त और नागरिक उड्डयन से जुड़े विभाग शामिल हैं। इसके अलावा एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया और संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) से जुड़े मामलों में भी उन्हें जिम्मेदारी मिली हुई है।
महला राजस्थान हाईकोर्ट के साथ CAT जयपुर में भी मामलों की पैरवी कर रहे हैं।
CBI के स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर रह चुके हैं
अधिवक्ता संजय महला देश की प्रमुख जांच एजेंसी CBI के स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर भी रह चुके हैं। इस दौरान उन्होंने विभिन्न मामलों में CBI की ओर से पैरवी की।
इसके अलावा पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय, सीकर ने भी उन्हें अपना अधिवक्ता नियुक्त किया हुआ है। विश्वविद्यालय की ओर से उन्हें कई महाविद्यालयों की निरीक्षण गवर्निंग कमेटी में सदस्य की जिम्मेदारी भी दी गई है।
नई जिम्मेदारी को लेकर जताया आभार
NHAI में नई जिम्मेदारी मिलने पर संजय महला ने केंद्र सरकार और NHAI के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि वे नई जिम्मेदारी को लेकर उत्साहित हैं और प्रभावी पैरवी के जरिए अच्छे परिणाम देने का प्रयास करेंगे।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मजबूत राष्ट्र निर्माण के तहत राजस्थान सहित पूरे देश में बेहतर सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण राजमार्ग उपलब्ध कराने के मिशन पर काम कर रही है।
राजस्थान में NHAI की परियोजना इकाइयां
राजस्थान में NHAI के तहत परियोजना कार्यान्वयन इकाइयां (PIU) अजमेर, बीकानेर, दौसा, हनुमानगढ़, जयपुर, जैसलमेर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर में कार्यरत हैं।
ये इकाइयां भूमि अधिग्रहण से लेकर हाईवे परियोजनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी संभालती हैं। ऐसे मामलों में कानूनी पैरवी और न्यायिक प्रक्रियाओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।






