झुंझुनूं, परिवहन विभाग, राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार जिला पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर (आईपीएस) की अध्यक्षता में शुक्रवार को रिजर्व पुलिस लाइन सभागार में स्कूल प्रबंधन और बाल वाहिनी चालकों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य छात्र-छात्राओं के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और व्यवस्थित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करना रहा।
बैठक में जिला परिवहन अधिकारी रमेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) राजेन्द्र कुमार, यातायात शाखा प्रभारी कस्तूर वर्मा, अपराध सहायक रणजीत सिंह सेवदा, जेईएन सीमा सहित निजी विद्यालयों के प्रतिनिधि और बाल वाहिनी चालक मौजूद रहे।
स्कूल बसों के लिए सुरक्षा मानकों की पालना के निर्देश
बैठक में बाल वाहिनी योजना और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों की समीक्षा करते हुए स्कूल प्रबंधन एवं वाहन संचालकों को सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
निर्देशों के अनुसार
- सभी स्कूल बसों का रंग सुनहरा पीला (Golden Yellow) होना चाहिए।
- बसों पर आगे और पीछे ‘School Bus’ तथा अनुबंधित वाहनों पर ‘On School Duty’ अंकित होना अनिवार्य रहेगा।
- ऑटो और वैन पर ‘बाल वाहिनी’ एवं ‘On School Duty’ स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए।
- प्रत्येक वाहन पर विद्यालय का नाम और संपर्क नंबर प्रदर्शित करना होगा।
- वाहन के अंदर चालक का नाम, पता, ड्राइविंग लाइसेंस नंबर, चाइल्ड हेल्पलाइन और यातायात हेल्पलाइन अंकित होना आवश्यक रहेगा।
ओवरलोडिंग और लापरवाही पर होगी कार्रवाई
बैठक में स्पष्ट किया गया कि किसी भी वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों का परिवहन नहीं किया जाएगा। साथ ही ऑटो में चालक की सीट पर तथा बस और वैन की अगली सीट पर 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को बैठाने पर रोक रहेगी।
प्रत्येक स्कूल वाहन में प्राथमिक उपचार किट, अग्निशामक यंत्र, जीपीएस, स्पीड गवर्नर और सुरक्षित डोर लॉक सिस्टम का क्रियाशील होना अनिवार्य होगा।
शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई
जिला पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर ने कहा कि तेज गति से वाहन चलाना, शराब पीकर ड्राइविंग करना या वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने ऐसे मामलों में संबंधित चालक को तत्काल हटाने और नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
चालकों को मिलेगा सीपीआर और फर्स्ट एड प्रशिक्षण
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पुलिस प्रशासन द्वारा बाल वाहिनी के चालकों एवं परिचालकों को सीपीआर (CPR) और फर्स्ट एड का प्रशिक्षण दिया जाएगा। चिकित्सा विभाग के सहयोग से आई चेकअप कैंप आयोजित किए जाएंगे तथा सभी चालकों और परिचालकों के लिए रोड सेफ्टी ओरिएंटेशन प्रोग्राम भी संचालित किए जाएंगे।
इसके अलावा पुलिस और परिवहन विभाग समय-समय पर संयुक्त निरीक्षण और औचक जांच अभियान चलाकर सुरक्षा मानकों की पालना सुनिश्चित करेंगे।






