झुंझुनूं, नगर निकाय आम चुनाव 2026 को शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है।
जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने जिले के नगर निकाय सीमा क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है।
आदेश 19 अगस्त से तत्काल प्रभाव से लागू होकर 22 सितंबर की मध्यरात्रि तक प्रभावी रहेगा।
बिना अनुमति सभा और रैली पर रोक
निषेधाज्ञा के तहत चुनाव प्रचार के दौरान बिना अनुमति सभा, जुलूस या रैली आयोजित नहीं की जा सकेगी।
राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों को चुनाव प्रचार के दौरान निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसी कोई गतिविधि नहीं की जा सकेगी, जिससे सामाजिक सौहार्द या कानून-व्यवस्था प्रभावित हो।
3 से ज्यादा वाहनों के काफिले पर भी पाबंदी
चुनाव प्रचार के दौरान तीन से अधिक वाहनों के काफिले के साथ प्रचार करने की अनुमति नहीं होगी।
इसके अलावा उत्तेजक भाषण, भड़काऊ नारेबाजी और अपमानजनक सामग्री के प्रदर्शन पर भी रोक लगाई गई है।
भड़काऊ पोस्टर, बैनर, झंडे या अन्य आपत्तिजनक चुनावी सामग्री के प्रदर्शन पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
मतदान केंद्र के 100 मीटर दायरे में विशेष पाबंदी
मतदान केंद्रों के आसपास सुरक्षा और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए भी सख्त नियम लागू किए गए हैं।
मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में भीड़ एकत्र करने और चुनाव प्रचार सामग्री के प्रदर्शन पर रोक रहेगी।
प्रशासन का उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को किसी भी तरह के दबाव और व्यवधान से मुक्त रखना है।
पांच से ज्यादा लोगों की भीड़ जुटाने पर रोक
आदेश के अनुसार नगर निकाय सीमा क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति पांच से अधिक लोगों की भीड़ एकत्रित नहीं कर सकेगा।
लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के लिए भी सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
हथियार और ज्वलनशील पदार्थ ले जाने पर प्रतिबंध
सार्वजनिक स्थानों पर हथियार, ज्वलनशील पदार्थ और अन्य आपत्तिजनक सामग्री लेकर चलने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
इसके साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर मदिरापान और मादक पदार्थों के सेवन तथा इसके लिए लोगों को प्रेरित करने पर भी रोक रहेगी।
सरकारी और निजी संपत्ति के इस्तेमाल पर भी नियम
राजनीतिक दल और प्रत्याशी चुनाव प्रचार के लिए सरकारी भवनों एवं सरकारी संपत्तियों का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।
किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति का चुनाव प्रचार के लिए उपयोग भी उसकी अनुमति के बिना नहीं किया जा सकेगा।
धार्मिक स्थलों पर राजनीतिक प्रचार नहीं
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि धार्मिक स्थानों और संस्थानों का इस्तेमाल राजनीतिक प्रचार के लिए नहीं किया जा सकेगा।
इसके अलावा किसी प्रत्याशी या राजनीतिक दल का पुतला फूंकने तथा सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाली गतिविधियों पर भी रोक रहेगी।
आचार संहिता उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्वाचन प्रक्रिया में बाधा डालने या आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
निकाय चुनाव के मद्देनजर लागू किए गए इन प्रतिबंधों का उद्देश्य जिले में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करना है।






