झुंझुनूं। जिला मुख्यालय स्थित राजस्थान पब्लिक उच्च माध्यमिक विद्यालय, गणपति नगर में मंगलवार को ‘परिवर्तनकारी मंगलवार’ कार्यक्रम के तहत “नशे को ना, सपनों को हां – भविष्य की रक्षा” विषय पर प्रेरणादायक कार्यक्रम एवं विधिक साक्षरता-जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना तथा उन्हें उनके कानूनी अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चन्द्रशेखर पारीक का विद्यालय के संस्था निदेशक इंजीनियर प्यारेलाल ढूकिया ने गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया।
नशे से दूर रहकर सपनों पर ध्यान देने का संदेश
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवार और समाज पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डालता है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने, अपने लक्ष्य पर पूरी लगन से काम करने तथा जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी यदि सही दिशा में आगे बढ़ेगी तो समाज और राष्ट्र का भविष्य भी सुरक्षित रहेगा।
संविधान, साइबर सुरक्षा और पॉक्सो कानून पर दी जानकारी
विधिक साक्षरता एवं जागरूकता सत्र में विद्यार्थियों को भारतीय संविधान के मूल अधिकार एवं मूल कर्तव्यों, बाल अधिकार, साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा, बाल विवाह निषेध कानून, पॉक्सो अधिनियम, सड़क सुरक्षा और निःशुल्क विधिक सहायता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
साथ ही विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि किसी भी कानूनी समस्या की स्थिति में निःशुल्क विधिक सहायता किस प्रकार प्राप्त की जा सकती है।
विद्यार्थियों ने लिया नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया। विद्यालय प्रशासन ने भी भविष्य में ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य शुभकरण खीचड़, मंगलाराम जांगिड़, महावीर प्रसाद शर्मा सहित विद्यालय का स्टाफ उपस्थित रहा।






