झुंझुनू। जेजेटी यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और सौहार्दपूर्ण शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 12 से 18 अगस्त 2026 तक एंटी रैगिंग जागरूकता सप्ताह आयोजित किया गया। सप्ताह के दौरान विद्यार्थियों को रैगिंग के खिलाफ जागरूक करने के साथ एंटी रैगिंग शपथ, कार्यशाला और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
रैगिंग के दुष्प्रभावों की दी जानकारी
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. अंशु शर्मा के स्वागत भाषण से हुई। इसके बाद विभिन्न वक्ताओं ने विद्यार्थियों को परिसर में रैगिंग रोकने के महत्व के बारे में जानकारी दी और इससे होने वाले शारीरिक, मानसिक तथा भावनात्मक दुष्प्रभावों पर चर्चा की।
यूनिवर्सिटी की प्रेसिडेंट डीआर मधु गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि रैगिंग पूरी तरह प्रतिबंधित है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है।
विद्यार्थियों को रैगिंग में संलिप्त पाए जाने पर होने वाली अनुशासनात्मक कार्रवाई के बारे में भी जानकारी दी गई।
शिकायत प्रक्रिया और नियमों की जानकारी
एंटी रैगिंग समिति ने विद्यार्थियों को रैगिंग से संबंधित नियमों, इसकी रोकथाम के उपायों और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में बताया।
विद्यार्थियों को बिना किसी डर के रैगिंग से जुड़ी घटना की सूचना देने और जरूरत पड़ने पर एक-दूसरे का सहयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और स्टाफ ने एंटी रैगिंग शपथ लेकर परिसर में अनुशासन, सम्मान और सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लिया।
समिति प्रभारी ने दिया जागरूकता व्याख्यान
एंटी रैगिंग जागरूकता कार्यक्रम के तहत समिति के प्रभारी डॉ. नितीश कुमार गौतम ने विद्यार्थियों को व्याख्यान के माध्यम से रैगिंग के खिलाफ जागरूक किया।
कार्यक्रम में एंटी रैगिंग समिति के सदस्य डॉ. अरुण कुमार, डॉ. धर्मेन्द्र, डॉ. शुभराम, डॉ. सविता सांगवान, डॉ. नाज़िया हुसैन, डॉ. विनीता, डॉ. अंशू शर्मा, श्री पुनित शर्मा और श्री शैलेश सहित विद्यार्थी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। सप्ताह के दौरान आयोजित गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को रैगिंग के खिलाफ जिम्मेदारी से आवाज उठाने और कैंपस में सकारात्मक माहौल बनाए रखने का संदेश दिया गया।






