झुंझुनूं। श्री जेजेटी विश्वविद्यालय में इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एवं आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ की ओर से “अनुसंधान, तकनीक और हेल्थकेयर के क्षेत्र में उभरती संभावनाएं” विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में विज्ञान, अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम विकास एवं नवाचारों पर विशेषज्ञों और शोधार्थियों ने विचार-विमर्श किया।
सम्मेलन का उद्देश्य शोध और तकनीकी नवाचारों को लेकर विशेषज्ञों तथा शोधार्थियों के बीच संवाद और सहयोग को बढ़ावा देना रहा।
सरस्वती वंदना और विश्वविद्यालय गीत के साथ हुआ शुभारंभ
सम्मेलन के प्रथम दिन कार्यक्रम की शुरुआत श्री जेजेटी विश्वविद्यालय गीत, वीडियो प्रस्तुति और सरस्वती वंदना के साथ हुई। इसके बाद सम्मेलन अध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार ने स्वागत संबोधन दिया।
सम्मेलन की संयोजक डॉ. सपना राघव ने कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्य की जानकारी दी। वनस्पति शास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. कंचन कुमारी ने मंच संचालन किया।
विश्वविद्यालय की अध्यक्ष डॉ. मधु गुप्ता, कुलसचिव डॉ. अजीत कुमार और डॉ. इकराम कुरैशी ने सम्मेलन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।
देश-विदेश के विशेषज्ञों ने रखे विचार
सम्मेलन में दाऊ लाल बोहरा, विभागाध्यक्ष जूलॉजी, सेठ जी.बी. पोद्दार कॉलेज, नवलगढ़, डॉ. विश्वजीत चावड़े, रिसर्च प्रोफेसर, क्योंगपूक नेशनल यूनिवर्सिटी, दक्षिण कोरिया, प्रो. डॉ. पल्लवी जैन, छात्र कल्याण विभाग प्रमुख एवं रसायन विज्ञान विभाग की प्रोफेसर, एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, दिल्ली तथा हेरियट वॉट विश्वविद्यालय, दुबई परिसर के रासायनिक अभियांत्रिकी विभाग की अध्ययन कार्यक्रम निदेशक डॉ. मंजुला नायर ने व्याख्यान प्रस्तुत किए।
AI से क्लाइमेट चेंज तक शोध-पत्र प्रस्तुत
सम्मेलन के तकनीकी सत्रों में देश-विदेश से जुड़े शोधार्थियों और प्रतिभागियों ने विभिन्न आधुनिक विषयों पर अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए।
इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग, ग्रीन केमिस्ट्री, नैनोटेक्नोलॉजी, बायो इंजीनियरिंग और क्लाइमेट चेंज जैसे विषय शामिल रहे।
तकनीकी सत्रों की अध्यक्षता डॉ. नाज़िया हुसैन, डॉ. विनीता बसोतिया, डॉ. कंचन कुमारी, डॉ. शाहीराम नेहरा, डॉ. सपना राघव, डॉ. रमन सांगवान, डॉ. विनिता कुमारी और डॉ. विनोद दान चारण ने की।
वैज्ञानिक अनुसंधान और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर
सम्मेलन के समापन अवसर पर आयोजन सचिव डॉ. इमरान खान ने धन्यवाद ज्ञापित किया। वहीं डॉ. नाज़िया हुसैन ने प्रतिभागियों को फीडबैक और शोध प्रकाशन से संबंधित दिशा-निर्देश दिए।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता की। सम्मेलन के माध्यम से वैज्ञानिक अनुसंधान, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए संवाद का मंच उपलब्ध कराया गया।






