झुंझुनूं। श्री जगदीशप्रसाद झाबरमल टिबडेवाला विश्वविद्यालय में भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर शिक्षक दिवस समारोह आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन कर की। इसके बाद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया।
विश्वविद्यालय की चेयरपर्सन डॉ. विनोद टिबडेवाला ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं।
उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों का सम्मान
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से शिक्षा, शोध एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्राध्यापकों और विभागाध्यक्षों को सम्मानित किया गया।
सम्मान के रूप में शिक्षकों को स्मृति चिह्न एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। इस दौरान शिक्षकों के योगदान और शिक्षा के क्षेत्र में उनकी भूमिका को रेखांकित किया गया।
शिक्षा में तकनीक को आत्मसात करने पर जोर
विश्वविद्यालय की प्रेसिडेंट डॉ. मधु गुप्ता ने विद्यार्थी जीवन में शिक्षक की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और भविष्य को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी शिक्षकों से तकनीक को शिक्षा के साथ आत्मसात करने का आह्वान किया, ताकि बदलते समय के अनुरूप विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा दी जा सके।
अंताक्षरी और म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिताएं
शिक्षक दिवस समारोह में शिक्षकों के लिए अंताक्षरी, म्यूजिकल चेयर सहित विभिन्न मनोरंजक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। शिक्षकों ने प्रतियोगिताओं में उत्साह के साथ भाग लिया।
इससे समारोह में उत्साह और मनोरंजन का माहौल बना रहा।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. अजीत कुमार, मुख्य वित्त अधिकारी डॉ. अमन गुप्ता, खेल सचिव डॉ. अरुण कुमार, डॉ. इकराम कुरैशी, डॉ. महेश सिंह राजपूत, डॉ. अनंता शांडिल्य सहित विश्वविद्यालय के सभी स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।
कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. नाजिया हुसैन और डॉ. धर्मेंद्र कौशिक ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। मंच संचालन डॉ. आरती पंवार ने किया।






