बगड़ बाइपास स्थित ज्योति विद्यापीठ सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शनिवार को भव्य विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार का प्रदर्शन किया।
विद्यार्थियों ने 63 से अधिक वर्किंग और नॉन-वर्किंग मॉडल तैयार किए। अलग-अलग वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित इन मॉडलों से विद्यालय परिसर में विज्ञान और प्रयोग का माहौल नजर आया।
190 विद्यार्थियों ने दिखाया हुनर
विज्ञान प्रदर्शनी में 190 विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने अपने मॉडल के जरिए जटिल वैज्ञानिक अवधारणाओं को सरल और प्रयोगात्मक तरीके से समझाने का प्रयास किया।
वर्किंग मॉडल्स में विद्यार्थियों ने विभिन्न वैज्ञानिक सिद्धांतों को प्रयोग के माध्यम से प्रदर्शित किया, जबकि नॉन-वर्किंग मॉडल्स के जरिए वैज्ञानिक विषयों को रचनात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया।
विद्यार्थियों ने अतिथियों और दर्शकों के सवालों के जवाब भी आत्मविश्वास के साथ दिए। उनकी विषय की समझ और प्रस्तुतीकरण शैली ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
अतिथियों ने की विद्यार्थियों की सराहना
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व्याख्याता राजेंद्र प्रसाद सैनी, HDFC बैंक के सुशील कुमार जांगिड़, एडवोकेट भरत सैनी और पार्षद राकेश शर्मा रहे।
विद्यालय पहुंचने पर अतिथियों का तिलक और पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया। विद्यालय प्राचार्या किरण देवी ने अतिथियों का अभिनंदन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। इसके बाद अतिथियों ने फीता काटकर विज्ञान प्रदर्शनी का शुभारंभ किया और विभिन्न मॉडल्स का अवलोकन किया।
वैज्ञानिक सोच विकसित करना जरूरी
प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए अतिथियों ने विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट्स की सराहना की।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में केवल किताबी ज्ञान के बजाय प्रयोग करने, नई चीजें सोचने और समस्याओं का वैज्ञानिक समाधान तलाशने की क्षमता विकसित करना जरूरी है।
इस तरह की प्रदर्शनियां विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच देने के साथ आत्मविश्वास और नवाचार की भावना भी बढ़ाती हैं।
शिक्षकों के मार्गदर्शन में तैयार हुए मॉडल
विद्यालय प्रबंधक चिरंजी लाल सैनी ने बताया कि विज्ञान विषय के अध्यापक नितिन शर्मा, विक्रम सैनी, प्रीति जांगिड़ और अध्यापिका अनामिका सैनी के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने प्रोजेक्ट तैयार किए।
उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार, रचनात्मकता और व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ना है।
उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी का 800 से अधिक विद्यार्थियों, विद्यालय स्टाफ और अभिभावकों ने अवलोकन किया।
जिज्ञासा से प्रयोग तक पहुंचा विज्ञान
विज्ञान प्रदर्शनी के दौरान विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्टाफ में खासा उत्साह नजर आया। प्रदर्शनी ने यह संदेश दिया कि जिज्ञासा, कल्पना और प्रयोग को साथ लेकर विद्यार्थी नए और उपयोगी मॉडल तैयार कर सकते हैं।
यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए सीखने, समझने और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का प्रभावी मंच साबित हुआ।
इनका रहा सहयोग
प्रदर्शनी के सफल आयोजन में समन्वयक बद्री विशाल जांगिड़, समन्वयक कुसुम लता, सुश्री कल्पना शर्मा, स्काउट प्रभारी बंशीलाल, संगीत अध्यापक आनंद भट्ट, शारीरिक शिक्षा शिक्षक नरेश कुमार शर्मा, विनोद कुमार और संजू सैनी सहित विद्यालय स्टाफ का सहयोग रहा।






