उदयपुरवाटी के ककराना गांव में मुंबई के कोलाबा स्थित नेवी नगर में मृत मिले नौसेना जवान पूर्णमल मेहरा, उनकी पत्नी ओमा और दो मासूम बच्चों की अंतिम विदाई ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। चारों के शव गांव पहुंचने पर ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं और सैन्य सम्मान के साथ जवान का अंतिम संस्कार किया गया।
ग्रामीणों के अनुसार इस दर्दनाक घटना के शोक में गांव के कई घरों में चूल्हे नहीं जले। अंतिम विदाई के दौरान भारत माता के जयकारों के बीच माहौल बेहद भावुक रहा।
एक ही चिता पर पति-पत्नी का अंतिम संस्कार
गुढ़ागौड़जी थाने से सेना के विशेष ट्रक के जरिए चारों के शव ककराना लाए गए। श्मशान घाट पर नौसेना की टुकड़ी ने जवान पूर्णमल मेहरा को गार्ड ऑफ ऑनर दिया और तिरंगा उनके वृद्ध पिता शंभुदयाल को ससम्मान सौंपा।
ग्रामीणों के अनुसार पूर्णमल और उनकी पत्नी ओमा की अर्थी को एक ही चिता पर रखा गया। छोटे भाई मुकेश कुमार ने नम आंखों से दोनों को मुखाग्नि दी।
तीन साल के बेटे और तीन महीने की बेटी को दी माटी
परिजनों और ग्रामीणों ने पूर्णमल के 3 वर्षीय बेटे यश और महज 3 महीने की बेटी को गोद में उठाकर श्मशान घाट पहुंचाया। दोनों मासूमों को नम आंखों से मिट्टी दी गई।
चारों की अंतिम विदाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। पूरे गांव में शोक का माहौल बना रहा।
15 अगस्त को सरकारी आवास में मिले थे शव
जानकारी के अनुसार वर्ष 2015 में नौसेना में भर्ती हुए पूर्णमल मेहरा का शव 15 अगस्त को मुंबई के कोलाबा स्थित सरकारी आवास में फंदे से लटका मिला था। उसी कमरे में उनकी पत्नी और दोनों बच्चे भी मृत पाए गए थे।
मुंबई पुलिस की प्रारंभिक जांच में पति-पत्नी के बीच कुछ समय से पारिवारिक मनमुटाव की बात सामने आई है। हालांकि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ।
पुलिस मामले की जांच कर रही है और जहर दिए जाने, हत्या तथा आत्महत्या समेत सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर घटना के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। मौत की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।






