झुंझुनूं। श्यामपुरा मैनाना के वीर सपूत नायक हरिसिंह पायल, कीर्ति चक्र (मरणोपरांत) का 35वां शहादत दिवस शनिवार को शहीद हरिसिंह पायल उच्च प्राथमिक विद्यालय, श्यामपुरा मैनाना में गर्व और श्रद्धा के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और पूर्व सैनिकों ने शामिल होकर बलिदानी योद्धा के शौर्य और देश के प्रति समर्पण को नमन किया।
वीर परिवार का किया सम्मान
इस अवसर पर अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद चिड़ावा इकाई की ओर से शहीद की माताजी चांदकौर और वीरांगना भगवती देवी को शॉल ओढ़ाकर तथा परिषद का प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
इसके साथ ही शहीद की तीनों बेटियों डॉ. सरोज पायल, सुभिता यूडीसी और सुनीता लैब तकनीशियन का भी पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान किया गया।
आतंकियों से लोहा लेते हुए हुए थे शहीद
नायक हरिसिंह पायल 29 अगस्त 1991 को कुपवाड़ा में आतंकवादियों से मुकाबला करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे।
बताया गया कि मुठभेड़ के दौरान उन्होंने दो आतंकवादियों को मार गिराया और बाकी आतंकवादियों को भागने पर मजबूर कर दिया था। आतंकवादी पीछे बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद छोड़कर भागे थे।
उनके अदम्य साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया।
पूर्व सैनिकों ने किया वीरता को नमन
कार्यक्रम में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद चिड़ावा इकाई के पदाधिकारियों एवं पूर्व सैनिकों ने शहीद हरिसिंह पायल के बलिदान को याद किया।
इस दौरान कैप्टन कुलदीप सिंह मान, कैप्टन मुस्तफा खान, सूबेदार दारा सिंह बेनीवाल, कैप्टन सुमेर सिंह, कैप्टन सूबे सिंह, सूबेदार महेश कोच, हवलदार उम्मेद सिंह मान, हवलदार शेरसिंह नेहरा, नायब सूबेदार जय सिंह बराला, हवलदार गुरुदयाल शर्मा, हवलदार प्रकाश पिलानिया, हवलदार प्रमोद नेहरा, हवलदार मनोज कुमार, हवलदार सुनील कुमार शौर्य चक्र और सुनील भड़िया सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
‘हरिसिंह पायल अमर रहें’ के जयघोष से गूंजा परिसर
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने “बलिदानी योद्धा हरिसिंह पायल अमर रहें” और “भारत माता की जय” के जयघोष लगाए।
शहीद के शौर्य और बलिदान को याद करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।






