अखिल भारतीय किसान महासभा ने शुक्रवार को झुंझुनूं जिले के चनाना से ‘खेत, खेती, किसान बचाओ – कार्पोरेट लूट का राज मिटाओ’ अभियान की शुरुआत की। जनजागरण यात्रा की शुरुआत चरणसिंह नगर में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस दौरान प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध करते हुए किसानों से व्यापक जनजागरण का आह्वान किया गया।
किसान नेताओं ने कहा कि यह अभियान खेती, किसानों के हितों और कृषि क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को लेकर जनसमर्थन जुटाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर जताई चिंता
अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव कामरेड रामचंद्र कुलहरि ने कहा कि यदि प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौता वर्तमान प्रारूप में लागू होता है तो इसका असर भारतीय कृषि पर पड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे किसानों के हित प्रभावित होंगे।
उन्होंने तीन कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों की एकजुटता से पहले भी सरकार को फैसले वापस लेने पड़े थे और अब भी किसानों को संगठित रहने की जरूरत है।
22 जुलाई को देशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान
किसान महासभा ने घोषणा की कि 22 जुलाई को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर देशभर में पंचायत समिति कार्यालयों के बाहर धरना-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।
इसके अलावा 9 अगस्त को साम्राज्यवाद विरोधी दिवस के अवसर पर झुंझुनूं स्थित मजदूर किसान भवन में संकल्प सभा आयोजित करने की भी घोषणा की गई।
कई किसान नेता रहे मौजूद
कार्यक्रम में किसान महासभा के जिला उपाध्यक्ष कामरेड इंद्राज सिंह चारावास, कामरेड अमर सिंह चाहर, राजस्थान निर्माण मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष कामरेड मनफूल सिंह सहित अनेक किसान नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने किसानों के मुद्दों पर एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।






