उदयपुरवाटी (झुंझुनूं)। लोहार्गल स्थित प्रसिद्ध बरखंडी धाम के महंत संत सूरज दास की मौत के बाद चल रहा संतों और ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया।
संत समाज और ग्रामीणों ने 11 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन किया था। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ वार्ता के दौरान मामले में जल्द कार्रवाई और तीर्थ क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का आश्वासन दिया गया।
एडिशनल एसपी देवेंद्र सिंह राजावत ने सात दिनों के भीतर मामले का खुलासा करने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
करीब 400 फीट गहरी खाई में मिला था शव
संत सूरज दास के लापता होने के बाद उनकी तलाश की जा रही थी। बाद में उनका शव बरखंडी धाम के नीचे पहाड़ी क्षेत्र में करीब 400 फीट गहरी खाई में झाड़ियों के बीच मिला।
शव को बाहर निकालने के लिए एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस और ग्रामीणों ने काफी मशक्कत की।
संत समाज ने आरोप लगाया कि संत के साथ लूटपाट और मारपीट के बाद उन्हें खाई में धकेला गया। मामले की पुलिस जांच जारी है।
11 सूत्री मांगों पर हुई प्रशासन से वार्ता
घटना के बाद संत समाज और ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने 11 सूत्री मांग पत्र रखा। इसमें संत सूरज दास के मामले का सात दिन में खुलासा करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग प्रमुख रही।
इसके अलावा लोहार्गल में स्थाई पुलिस चौकी स्थापित करने, सूर्य कुंड पर स्थाई सुरक्षा बल तैनात करने और तीर्थ क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की गई।
संत समाज ने असामाजिक तत्वों पर निगरानी बढ़ाने और क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने की भी मांग रखी।
लोहार्गल में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग
मांगों में गोल्याणा चौराहे से लोहार्गल कुंड तक शराब की दुकानों को बंद कराने की मांग भी शामिल रही।
इसके साथ ही आमजन के स्नान का समय सुबह 4 बजे से शाम 10 बजे तक निर्धारित करने, साधु-संतों के आश्रमों को पुलिस संरक्षण देने और लोहार्गल तीर्थ को ‘तीर्थ प्राधिकरण क्षेत्र’ में शामिल करने की मांग रखी गई।
प्रशासन ने सुरक्षा का दिया भरोसा
एडिशनल एसपी देवेंद्र सिंह राजावत के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने संत समाज और ग्रामीणों के साथ वार्ता की।
प्रशासन की ओर से मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई और 7 दिवस में मामले का पर्दाफाश करने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद संतों और ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
पोस्टमार्टम के बाद किरोड़ी धाम में अंतिम संस्कार
आंदोलन समाप्त होने के बाद पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम करवाया। इसके बाद संत सूरज दास का किरोड़ी धाम में अंतिम संस्कार किया गया।
अंतिम संस्कार के दौरान पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था की गई।
इस दौरान नवलगढ़ उपखंड अधिकारी प्रांजल कंवर, पूर्व चिकित्सा मंत्री डॉ. राजकुमार शर्मा, गोठड़ा थाना इंचार्ज जयप्रकाश, उदयपुरवाटी थानाधिकारी रामपाल मीणा सहित पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
संत समाज की ओर से महरौली श्याम अखाड़ा महंत शत्रुघ्न दास, सूर्य मंदिर महंत अवधेशाचार्य महाराज, विनोद दास, अभय दास, दुर्गेश वैष्णव, घनश्याम दास, जय रामदास, दयाल दास, स्वामी अश्विनी आचार्य, महंत योगीदास, बलबीर दास और हेमंत दास सहित कई संत मौजूद रहे।
गुढ़ा गोड़जी, मुकुंदगढ़ और नवलगढ़ थानों का पुलिस जाब्ता भी मौके पर तैनात रहा।
एडिशनल एसपी बोले- अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा
एडिशनल एसपी देवेंद्र सिंह राजावत ने कहा कि संत सूरज दास महाराज का शव खाई से बरामद कर लिया गया है। संत समाज के साथ वार्ता कर उनकी मांगों से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है।
उन्होंने कहा कि पुलिस स्तर की मांगों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी और तीर्थ स्थल पर संत समाज की सुरक्षा प्राथमिकता रहेगी।
राजावत ने कहा कि आगे ऐसी घटना न हो, इसके लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। उन्होंने मामले में सात दिन के भीतर खुलासा करने और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया।






