
धरने का नेतृत्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष एवं मंडावा विधायक रीटा चौधरी ने किया।
“नकल तो की, पर अक्ल नहीं”
धरने पर विधायक रीटा चौधरी ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा
ये लोग गहलोत सरकार की नकल तो कर रहे हैं, लेकिन नकल करने में अक्ल भी लगानी पड़ती है।
नाम बदलने पर आपत्ति नहीं, नीति पर सवाल
रीटा चौधरी ने कहा कि मनरेगा योजना का नाम बदलने से कांग्रेस को कोई विशेष आपत्ति नहीं है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा
महात्मा गांधी के नाम से इन्हें पहले से ही परेशानी है, क्योंकि ये नाथूराम गोडसे को मानने वाले लोग हैं।
पंचायतों से अधिकार छीनने का आरोप
विधायक ने आरोप लगाया कि मनरेगा योजना को पूरी तरह सेंट्रलाइज कर दिया गया है।
अब
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काम का निर्णय ग्राम पंचायत नहीं
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बल्कि दिल्ली में बैठे अधिकारी करेंगे
जिससे पंचायतों की स्वायत्तता खत्म हो रही है।
125 दिन रोजगार पर भी घेरा
रीटा चौधरी ने 125 दिन रोजगार देने के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा
125 दिन रोजगार देने का काम तो पहले ही गहलोत सरकार कर चुकी थी, अब इसे नई उपलब्धि बताना जनता को गुमराह करना है।
तकनीकी बदलावों पर भी आपत्ति
उन्होंने कहा कि मनरेगा में किए गए तकनीकी बदलाव
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ग्रामीण रोजगार
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मजदूरी प्रक्रिया
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पंचायत नियंत्रण
को कमजोर करेंगे और इसका सीधा नुकसान ग्रामीणों को होगा।
जन आंदोलन के तहत धरना
कांग्रेस द्वारा प्रदेशभर में मनरेगा बदलाव के खिलाफ जन आंदोलन चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में झुंझुनू में आयोजित इस धरने में
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कांग्रेस पदाधिकारी
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जनप्रतिनिधि
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बड़ी संख्या में कार्यकर्ता
मौजूद रहे।
राजनीतिक संकेत
झुंझुनू में हुआ यह धरना आने वाले समय में ग्रामीण रोजगार और पंचायत अधिकारों को लेकर राजनीतिक बहस को और तेज करने वाला माना जा रहा है।
शेखावाटी लाइव ब्यूरो रिपोर्ट | झुंझुनू
