उदयपुरवाटी। पंचायत समिति सभागार में गुरुवार को सरपंच एवं वार्ड पंचों के आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया के दौरान ग्राम पंचायत पापड़ा के वार्ड नंबर 5 को अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के लिए आरक्षित किया गया।
आरक्षण के बाद वार्ड के कुछ ग्रामीणों ने इस पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि राजस्व ग्राम कैरोठ के अंतर्गत आने वाले इस वार्ड में SC वर्ग का एक भी पंजीकृत मतदाता नहीं है।
ग्रामीणों का दावा- वर्तमान रिकॉर्ड में SC वोटर शून्य
कैरोठ निवासी अशोक यादव सहित स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि हालिया परिसीमन के बाद पापड़ा ग्राम पंचायत का वार्ड नंबर 5 गठित हुआ है।
ग्रामीणों के अनुसार वर्तमान मतदाता सूची और परिसीमन से जुड़े रिकॉर्ड में वार्ड में SC वर्ग का कोई मतदाता नहीं है। ऐसे में उनका सवाल है कि इस वार्ड को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किस आधार पर किया गया।
हालांकि, केवल वर्तमान मतदाता सूची में किसी वर्ग के मतदाताओं की संख्या के आधार पर आरक्षण प्रक्रिया को गलत ठहराना उचित नहीं होगा। प्रशासन ने आरक्षण के लिए अलग आधार पर आंकड़े लिए जाने की बात कही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन को दी लिखित आपत्ति
आरक्षण की स्थिति सामने आने के बाद ग्रामीणों ने उपखंड एवं चुनाव प्रशासन के समक्ष लिखित आपत्ति दर्ज कराई है।
ग्रामीणों की मांग है कि वार्ड नंबर 5 के आरक्षण की प्रक्रिया और उसमें इस्तेमाल किए गए जनसंख्या संबंधी आंकड़ों की जांच की जाए तथा यदि कोई त्रुटि सामने आती है तो नियमानुसार सुधार किया जाए।
ग्रामीणों ने यह भी कहा है कि यदि उनकी आपत्ति का समाधान नहीं हुआ तो वे आगामी चुनाव के बहिष्कार का निर्णय ले सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने न्यायालय जाने की बात भी कही है।
प्रशासन का पक्ष- 2011 की जनसंख्या के आधार पर मिली सूचना
उपखंड अधिकारी उदयपुरवाटी तानिया रिणवा ने ग्रामीणों की आपत्ति पर प्रशासन का पक्ष स्पष्ट किया।
उन्होंने कहा कि आपत्ति मिलने के बाद बीएलओ, बीडीओ, बीएसओ और ग्राम सचिव से पापुलेशन-2011 के अनुसार सूचना ली गई थी। संबंधित अधिकारियों द्वारा दी गई सूचना को सही बताया गया और उसी आधार पर आरक्षण की लॉटरी निकाली गई।
“ग्रामीणों के द्वारा आपत्ति दर्ज कराई गई थी। हमने बीएलओ, बीडीओ, बीएसओ व ग्राम सचिव द्वारा पापुलेशन 2011 के अनुसार सूचना ली, जो इनके द्वारा सही बताया गया। उसके आधार पर लॉटरी निकाली गई।”
— तानिया रिणवा, उपखंड अधिकारी, उदयपुरवाटी
अब जांच का केंद्र क्या होगा?
इस मामले में मुख्य सवाल यह है कि वार्ड नंबर 5 की आरक्षण प्रक्रिया में किस जनसंख्या रिकॉर्ड और किस परिसीमन सीमा को आधार बनाया गया था।
ग्रामीण वर्तमान मतदाता सूची में SC मतदाताओं की संख्या शून्य होने की बात कह रहे हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि लॉटरी के लिए 2011 की जनसंख्या संबंधी आधिकारिक सूचना ली गई थी।
इसलिए आरक्षण पर अंतिम स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित प्रशासनिक रिकॉर्ड और वार्डवार जनसंख्या आंकड़ों का मिलान महत्वपूर्ण होगा। राजस्थान में आरक्षण संबंधी कई प्रक्रियाओं में 2011 की जनगणना के आंकड़ों का आधार इस्तेमाल किए जाने का सरकारी रिकॉर्ड उपलब्ध है।






