झुंझुनूं जिले के पिलानी थाना क्षेत्र में दर्ज एक प्रकरण में पुलिस अनुसंधान के दौरान मामला झूठा पाए जाने पर अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, पिलानी ने परिवादिया नितु देवी को दोषसिद्ध मानते हुए 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर के निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र सिंह राजावत के मार्गदर्शन तथा वृत्ताधिकारी विकास धीधवाल के सुपरविजन में थानाधिकारी अलका विश्नोई के नेतृत्व में पिलानी थाना पुलिस झूठे प्रकरण दर्ज कराने वालों के विरुद्ध विशेष अभियान चला रही है।
आठ मामलों में न्यायालय में पेश किए गए इस्तगासे
पुलिस के अनुसार, राजस्थान पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार पिलानी थाने में दर्ज आठ झूठे प्रकरणों के परिवादियों के विरुद्ध न्यायालय में इस्तगासे पेश किए गए थे। इनमें प्रकरण संख्या 27/2023 में परिवादिया नितु देवी, निवासी बेरी (थाना पिलानी), के विरुद्ध न्यायालय ने निर्णय सुनाते हुए उन्हें 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
पुलिस ने बताया कि शेष मामलों में न्यायालय में सुनवाई अभी विचाराधीन है।
झूठे मुकदमे कानून का दुरुपयोग: पुलिस
पुलिस ने कहा कि व्यक्तिगत रंजिश, दुर्भावना, दबाव बनाने या किसी व्यक्ति को अनावश्यक रूप से परेशान करने के उद्देश्य से झूठी शिकायत या मुकदमा दर्ज कराना कानून का दुरुपयोग है। इससे पुलिस के समय और संसाधनों का अनावश्यक उपयोग होता है तथा वास्तविक पीड़ितों के मामलों की जांच और न्याय प्रक्रिया भी प्रभावित होती है।
जिला पुलिस ने स्पष्ट किया कि झूठे प्रकरण दर्ज कराने वालों के विरुद्ध विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा और ऐसे मामलों में नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






