उदयपुरवाटी। राज्य सरकार की विभिन्न नीतियों और लंबित मांगों के विरोध में उदयपुरवाटी एवं गुढ़ा क्षेत्र के निजी शिक्षण संघ ने बड़ा फैसला लिया है। संघ की आपात बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 28 जुलाई 2026 को क्षेत्र के सभी निजी विद्यालय अपनी छह सूत्रीय मांगों के समर्थन में पूर्णतः बंद रखे जाएंगे।
बैठक के दौरान बड़ी संख्या में निजी विद्यालय संचालकों ने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग की नीतियों के विरोध में प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की।
ये हैं निजी शिक्षण संघ की छह प्रमुख मांगें
बैठक में निजी शिक्षण संघ ने सरकार के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखीं
- शाला संबल ऐप को अव्यावहारिक बताते हुए इसे तत्काल वापस लिया जाए।
- आरटीई (RTE) के तहत P-3, P-4 और P-5 सहित सभी लंबित भुगतान शीघ्र जारी किए जाएं।
- स्कूल वाहनों के संचालन पर लगाई गई अनावश्यक पाबंदियों में राहत दी जाए।
- कक्षा 5वीं बोर्ड परीक्षा शुल्क समाप्त किया जाए तथा शुल्क के कारण रोकी गई विद्यार्थियों की मार्कशीट जारी की जाए।
- बकाया फीस जमा कराए बिना टीसी (स्थानांतरण प्रमाण-पत्र) जारी करने से संबंधित आदेश वापस लिया जाए।
- नर्सरी से कक्षा 8 तक ₹202 में किताबें एवं सामग्री उपलब्ध कराने के आदेश को निरस्त कर यह राशि सीधे अभिभावकों के बैंक खातों में भेजी जाए।
मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन होगा तेज
संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि 28 जुलाई के प्रस्तावित स्कूल बंद के बाद भी उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी स्तर तक विस्तारित किया जाएगा।
बड़ी संख्या में स्कूल संचालक रहे मौजूद
बैठक और विरोध प्रदर्शन में सांवरमल, जयसिंह कुमावत, राधेश्याम, बंशीधर, सुशील, विक्रम, बाबूलाल, हरलाल, आनंद, महेंद्र, रघुवीर, अमित कुमार सहित बड़ी संख्या में निजी विद्यालय संचालक एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।






