उदयपुरवाटी। राजस्थान के मनरेगा मेटों ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। उदयपुरवाटी विधानसभा क्षेत्र सहित प्रदेशभर के मेटों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर सभी मनरेगा मेटों का बिना किसी भेदभाव के नियमितीकरण करने और सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।
मेटों का कहना है कि वर्षों से कार्य करने के बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारी का दर्जा और अन्य आवश्यक सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
वेतनमान, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा की उठाई मांग
मेट प्रतिनिधि मामचन्द सैनी और इन्द्र कुमार ने बताया कि ज्ञापन के माध्यम से मनरेगा मेटों को अन्य सरकारी कर्मचारियों की तर्ज पर नियमित वेतनमान, महंगाई भत्ता, भविष्य निधि (पीएफ), कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई), पेंशन तथा समय-समय पर मानदेय वृद्धि का लाभ देने की मांग की गई है।
इसके साथ ही सभी मेटों को सेवा सुरक्षा प्रदान करने की भी मांग उठाई गई है।
मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन होगा तेज
मेट प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो प्रदेशभर के मनरेगा मेट एकजुट होकर राजधानी जयपुर और जिला मुख्यालयों पर धरना, प्रदर्शन और महापड़ाव जैसे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में आंदोलन से उत्पन्न होने वाली प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सरकार की होगी।
कई मेट प्रतिनिधि रहे मौजूद
ज्ञापन और आंदोलन की घोषणा के दौरान मामचन्द सैनी, इन्द्र कुमार, किशन लाल तंवर, शारदा देवी, मुकेश कुमार, बीरबलराम, सुरेश कुमार निर्मल, प्रेमलता, ज्योति कुमारी, रविन्द्र, सुमन देवी जोधपुरा, मनोज कुमार और मंजू सहित अनेक मनरेगा मेट मौजूद रहे।






