झुंझुनू, राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान ने पंचायती राज आम चुनाव 2026 के मद्देनजर मंत्रीगण एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के सरकारी दौरों को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
आयोग द्वारा 3 अक्टूबर 2026 को चुनाव का विस्तृत कार्यक्रम घोषित किए जाने के साथ ही आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है।
निर्देशों के अनुसार चुनाव समाप्त होने तक मंत्रीगण एवं अन्य जनप्रतिनिधि सरकारी दौरे नहीं करेंगे।
हालांकि, कानून-व्यवस्था बिगड़ने या किसी आपात स्थिति में संबंधित विभाग के मंत्री की उपस्थिति आवश्यक होने पर निर्वाचन आयोग की अनुमति से दौरा किया जा सकेगा।
चुनाव क्षेत्र में सरकारी वाहन के इस्तेमाल पर रोक
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव से संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के दौरे के दौरान मंत्रीगण सरकारी वाहनों का उपयोग नहीं करेंगे।
यदि निजी वाहन से दौरा किया जाता है तो उस पर सायरन आदि का प्रयोग नहीं किया जाएगा।
इसके अलावा चुनाव से संबंधित अधिकारियों को भी मंत्रीगण के दौरे पर नहीं बुलाया जाएगा।
सरकारी विश्राम गृह और डाक बंगले का चुनावी इस्तेमाल नहीं
निर्वाचन क्षेत्र में प्रवास के दौरान मंत्रीगण विश्राम गृह, डाक बंगले, अन्य सरकारी आवास या उनसे जुड़े परिसरों का इस्तेमाल प्रचार कार्यालय अथवा चुनाव संबंधी बैठक के लिए नहीं कर सकेंगे।
आयोग के अनुसार इन सरकारी परिसरों का निष्पक्ष रूप से अन्य राजनीतिक दलों एवं अभ्यर्थियों द्वारा भी उपयोग किया जा सकेगा, लेकिन इनका इस्तेमाल चुनाव संबंधी कार्यों के लिए नहीं किया जाएगा।
स्वागत और प्रोटोकॉल से भी अधिकारी दूर रहेंगे
निर्वाचन आयोग ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मंत्रीगण के दौरों के दौरान वे स्वागत कार्यक्रम या प्रोटोकॉल में शामिल नहीं हों।
आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को चुनाव आचार संहिता के इन निर्देशों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
