
खराब सड़क व्यवस्था का मुद्दा जोरदार तरीके से गूंजा।
झुंझुनूं से सांसद बृजेन्द्र सिंह ओला ने सदन में इस विषय पर सरकार को घेरा।
फतेहपुर–सीकर–जयपुर रोड का उठाया मुद्दा
सांसद ओला ने फतेहपुर–सीकर–जयपुर (NH-52) मार्ग का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि
यहां सड़कें अधूरी और जर्जर हालत में हैं,
फिर भी आमजन से पूरा टोल वसूला जा रहा है।
60 किमी नियम की उड़ रही धज्जियां
ओला ने सदन को बताया कि
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राजस्थान में 8,731 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग हैं
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इन पर 174 टोल प्लाज़ा संचालित हो रहे हैं
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कई स्थानों पर 50 किमी से भी कम दूरी में टोल वसूला जा रहा है
जबकि नियमों के अनुसार
दो टोल प्लाज़ाओं के बीच न्यूनतम 60 किमी दूरी अनिवार्य है।
30 हजार करोड़ वसूले, फिर भी बदहाल सड़कें
सांसद ओला ने कहा कि
पिछले 5 वर्षों में करीब ₹30,000 करोड़ रुपये टोल के रूप में वसूले गए,
लेकिन इसके बावजूद—
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सड़कों की हालत में सुधार नहीं
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सर्विस रोड का निर्माण नहीं
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सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं
आम नागरिकों को रोजाना
लंबे जाम और दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है।
NH-48 पर भी गंभीर हालात
उन्होंने NH-48 (दिल्ली–जयपुर–अजमेर) का भी जिक्र करते हुए कहा कि
यहां कई स्थानों पर ब्लैक स्पॉट बने हुए हैं,
फिर भी टोल वसूली पूरी की जा रही है।
टोल हटाने की मांग
सांसद बृजेन्द्र सिंह ओला ने सरकार से मांग की कि
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जहां सड़कें खराब हैं
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सर्विस रोड नहीं है
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लगातार जाम और हादसे हो रहे हैं
वहां के टोल प्लाज़ा तुरंत हटाए जाएं,
ताकि आम नागरिकों, किसानों और व्यापारियों को राहत मिल सके।
