झुंझुनूं। जिले के चंद्रपुरा (नुआ) गांव की राजबाला महला ने राजस्थान असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा में संस्कृत विषय में 28वीं रैंक हासिल कर बड़ी सफलता दर्ज की है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
परिवार और क्षेत्र का बढ़ाया मान
राजबाला महला, बजरंग लाल महला की पुत्री और राकेश कुमार बसेरा की पत्नी हैं। वे वर्तमान में राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय, धिरणिया बड़ा (सीकर) में हिंदी प्राध्यापक के पद पर कार्यरत हैं।
शिक्षण कार्य के साथ-साथ उन्होंने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी जारी रखी और अपने लक्ष्य को हासिल किया। उनकी सफलता को परिवार, समाज और शैक्षणिक जगत ने प्रेरणादायक बताया है।
कठिन परिश्रम से मिली सफलता
राजबाला ने अनुशासन, मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर यह उपलब्धि हासिल की है। उनकी सफलता ने न सिर्फ पीहर बल्कि ससुराल पक्ष का भी नाम रोशन किया है।
राजबाला महला ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पति राकेश कुमार, सास-ससुर, पूर्व एसीबी प्रमुख झुंझुनूं रामनिवास बसेरा, अपने माता-पिता और भाई सुभाष महला को दिया। उन्होंने कहा कि परिवार के निरंतर सहयोग और भरोसे ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचने में मदद की।
बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा
स्थानीय लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने राजबाला महला की सफलता की सराहना की है। उनका कहना है कि यह उपलब्धि ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणा का काम करेगी।
शिक्षाविदों का मानना है कि इस तरह की सफलताएं यह संदेश देती हैं कि मजबूत इच्छाशक्ति और निरंतर तैयारी से प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है।






