चिड़ावा। चिड़ावा क्षेत्र के कुतुबपुरा निवासी एवं सूरजगढ़ ब्लॉक स्थित शहीद गोरधन सिंह राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, रामरिख की ढाणी से 30 जून 2026 को सेवानिवृत्त हुए शिक्षक मदन सिंह बारहठ ने अपनी सेवानिवृत्ति को पर्यावरण संरक्षण के अभियान में बदलकर समाज के सामने एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
उन्होंने पारंपरिक विदाई समारोह में माला, उपहार और अन्य भेंट स्वीकार करने के बजाय लोगों से केवल पौधे भेंट करने की अपील की। उनका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करना और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना था।
100 पौधों से शुरू हुआ अभियान, एक हजार पौधे लगाए
पर्यावरण प्रेमी एवं शिक्षक डॉ. अनिल शर्मा ‘अनमोल’ ने बताया कि ग्रामवासियों और विद्यालय स्टाफ ने मदन सिंह बारहठ को 100 औषधीय अर्जुन के पौधे भेंट किए। इन पौधों को आयोजन स्थल पर ही लोगों में वितरित किया गया और उसी अवसर पर एक हजार अर्जुन के पौधे लगाने का संकल्प लिया गया।
इस संकल्प के तहत रामरिख की ढाणी, कुतुबपुरा, आलमपुरा पटेल नगर, खुडियां का बास और बदनगढ़ सहित विभिन्न स्थानों पर अब तक एक हजार अर्जुन के पौधे लगाए जा चुके हैं। अभियान को आगे भी जारी रखने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
पहल से प्रेरित होकर शुरू हुआ नया अभियान
डॉ. अनिल शर्मा ‘अनमोल’ ने बताया कि जिले में वृक्षारोपण अभियानों के लिए पहचान रखने वाले जयसिंह झाझड़िया और बीरबल सिंह चौहान भी इस पहल से प्रेरित हुए हैं। दोनों ने क्षेत्र में पांच हजार अर्जुन के पौधे लगाने का अभियान शुरू किया है।
उनका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को वृक्षारोपण से जोड़ते हुए पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाना है।
समाज के लिए बना प्रेरणादायक संदेश
स्थानीय लोगों का मानना है कि मदन सिंह बारहठ ने सेवानिवृत्ति जैसे व्यक्तिगत अवसर को सामाजिक सरोकार से जोड़कर यह संदेश दिया है कि जीवन के महत्वपूर्ण पड़ाव भी समाज और प्रकृति के हित में उपयोग किए जा सकते हैं। लोगों का कहना है कि ऐसे प्रयासों से क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ेगा और पर्यावरण संरक्षण को नई मजबूती मिलेगी।






