झुंझुनूं जिले की उप-तहसील सिंघाना को तहसील में क्रमोन्नत किए जाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। सामाजिक सरोकार और जनकल्याण में सक्रिय सहयोग एक पहल संस्थान की ओर से शुक्रवार को बुहाना में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
यह ज्ञापन संस्थान के अध्यक्ष डीपी सैनी के नेतृत्व में उपखंड अधिकारी के प्रतिनिधि नायब तहसीलदार देवीदयाल गुप्ता को दिया गया।
2013 से उप-तहसील, अब तक नहीं मिला तहसील दर्जा
ज्ञापन में बताया गया कि सिंघाना उप-तहसील का गठन वर्ष 2013 में हुआ था। उसी समय गठित गुढ़ागौड़जी और मंडावा उप-तहसीलें तथा बाद में बनी बिसाऊ और पिलानी उप-तहसीलें अब तहसील में क्रमोन्नत हो चुकी हैं, लेकिन सिंघाना अब भी उप-तहसील के रूप में ही संचालित है।
35–40 किमी दूर बुहाना जाना मजबूरी
संस्थान पदाधिकारियों ने बताया कि सिंघाना क्षेत्र तहसील मुख्यालय बुहाना से लगभग 35–40 किलोमीटर दूर है।
राजस्व से जुड़े कार्यों के लिए किसानों और आमजन को बार-बार बुहाना जाना पड़ता है, जिससे समय, पैसा और संसाधनों की अनावश्यक हानि हो रही है।
नगर पालिका और प्रमुख बाजार होने के बावजूद उपेक्षा
संस्थान के महासचिव अजीत जांगिड़ ने बताया कि
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सिंघाना पहले ग्राम पंचायत था, अब नगर पालिका बन चुका है
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आसपास के कई राजस्व गांवों का प्रमुख बाजार सिंघाना है
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क्षेत्र में परिवहन की पर्याप्त सुविधाएं मौजूद हैं
इसके बावजूद तहसील का दर्जा नहीं मिलना क्षेत्रवासियों के साथ अन्याय है।
2026–27 बजट में घोषणा की मांग
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि आगामी बजट सत्र 2026–27 में उप-तहसील सिंघाना को तहसील में क्रमोन्नत करने की घोषणा की जाए, ताकि स्थानीय स्तर पर ही राजस्व कार्यों का निस्तारण हो सके।
ये रहे कार्यक्रम में मौजूद
इस अवसर पर
डीपी सैनी, अजीत जांगिड़, इकबाल खान, विक्रम सिंह, कपिल सैनी, अशोक सैनी, रणजीत सैनी, राजू गराटी, नवीन प्रजापति, अरविंद, प्रदीप, विशाल भोदन, सुनील कुमार (ई-मित्र), आकाश, कन्हैयालाल, जतिन प्रजापति, अमन सहित अनेक संस्थान सदस्य मौजूद रहे।
