विश्व युवा कौशल दिवस-2026 के अवसर पर शिवओंकार महेश्वरी तकनीकी संस्थान (एसएमटीआई), बगड़ में बुधवार को भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल करने वाले प्रशिक्षणार्थियों, उनके अभिभावकों तथा संस्थान के पूर्व स्टाफ सदस्यों को सम्मानित किया गया।
समारोह में कौशल विकास, रोजगार और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में तकनीकी शिक्षा की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया।
एवीवीएनएल चयनित प्रशिक्षणार्थियों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (एवीवीएनएल) भर्ती-2026 में चयनित प्रशिक्षणार्थियों को दुपट्टा ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। संस्थान प्रबंधन ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनेगी।
इसके साथ ही अग्निवीर भर्ती में चयनित प्रशिक्षणार्थियों के अभिभावकों का भी विशेष सम्मान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता में परिवार और गुरुओं का महत्वपूर्ण योगदान होता है।
पूर्व स्टाफ ने साझा किए सफलता के अनुभव
कार्यक्रम में संस्थान के उन पूर्व स्टाफ सदस्यों को भी सम्मानित किया गया, जो वर्तमान में विभिन्न सरकारी विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन और निरंतर सीखते रहने का संदेश देते हुए अपने अनुभव साझा किए।
संस्थान के सीईओ विकास खटोड़ ने कहा कि वर्तमान समय में कौशल आधारित शिक्षा युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
अतिथियों ने दिया प्रेरक संदेश
समारोह के मुख्य अतिथि प्रदीप भाम्बू (एक्सईएन, एवीवीएनएल) ने चयनित प्रशिक्षणार्थियों को कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि विद्युत कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही की गुंजाइश नहीं होती।
विशिष्ट अतिथि सूबेदार मेजर बिजेन्द्र सिंह ने अग्निवीर भर्ती की प्रक्रिया, चयन मानकों तथा आईटीआई उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को मिलने वाले बोनस अंकों की जानकारी दी। वहीं ओमप्रकाश शर्मा और उमा पुरोहित ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों की भूमिका को सफलता का आधार बताया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. विवेक कौशिक ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रशिक्षणार्थियों द्वारा निर्मित तोप का मॉडल अतिथियों को स्मृति चिन्ह के रूप में भेंट किया गया।
समारोह में संस्थान के अधिकारी, प्रशिक्षक, पूर्व छात्र, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।






