उदयपुरवाटी, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधीन कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने बुधवार को अपनी वित्तीय और गैर-वित्तीय मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो वे पूर्ण कार्य बहिष्कार पर उतरेंगी।
कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि लंबे समय से लंबित मांगों की अनदेखी की जा रही है, जबकि उन पर लगातार अतिरिक्त कार्यों का बोझ बढ़ाया जा रहा है।
‘मूल कार्यों के साथ अतिरिक्त जिम्मेदारियां थोपने’ का आरोप
प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे पहले से ही आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित कार्यों में व्यस्त रहती हैं। इसके बावजूद उन पर ओबीसी सर्वे सहित अन्य गैर-विभागीय कार्यों का दबाव बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कम मानदेय और सीमित संसाधनों के बावजूद लगातार अतिरिक्त जिम्मेदारियां देना उचित नहीं है।
ऑनलाइन कार्य और नेटवर्क समस्या बनी बड़ी चुनौती
ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने बताया कि उदयपुरवाटी का बड़ा हिस्सा पहाड़ी एवं दुर्गम क्षेत्र है, जहां मोबाइल नेटवर्क की गंभीर समस्या रहती है। ऐसे में ‘पोषण ट्रैकर’ सहित अन्य सरकारी ऐप पर समय पर ऑनलाइन फीडिंग करना मुश्किल हो जाता है।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि कई बार उन्हें देर रात तक जागकर या नेटवर्क की तलाश में दूर-दराज के स्थानों पर जाकर ऑनलाइन कार्य पूरा करना पड़ता है। उनका आरोप है कि तकनीकी समस्याओं के बावजूद समय पर कार्य पूरा नहीं होने पर विभागीय दबाव का सामना करना पड़ता है।
मांगें नहीं मानीं तो कार्य बहिष्कार की चेतावनी
कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि उनकी वित्तीय एवं गैर-वित्तीय मांगों का समाधान नहीं हुआ तो विधानसभा क्षेत्र की कोई भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता किसी भी सरकारी योजना का ऑनलाइन या ऑफलाइन कार्य नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से बढ़ते कार्यभार और मानसिक दबाव के कारण कार्यकर्ताओं में असंतोष है। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
प्रदर्शन के दौरान मंजू, सरोज, इंदिरा, किरण कुमारी, चंद्रकला, अमृता, मीरा, सुमित्रा, विमला देवी, कंचन, सजना, मुन्नी देवी, कमला कुमारी, शकुंतला, ममता, कमला देवी, सुविधा, विद्या, सरिता सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं मौजूद रहीं।






