उदयपुरवाटी। क्षेत्र की आशा सहयोगिनियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ‘आशा सहयोगिनी एकता मंच’ के बैनर तले मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी भूमिका का उल्लेख करते हुए सेवा शर्तों और मानदेय में सुधार की मांग की।
संविदा कैडर और राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग
ज्ञापन में आशा सहयोगिनियों ने कहा कि वे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसके बावजूद उन्हें उनके कार्य के अनुरूप मानदेय और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
उन्होंने मांग की कि राज्य की सभी आशा सहयोगिनियों को संविदा रूल्स-2022 के दायरे में शामिल किया जाए। साथ ही बढ़ती महंगाई को देखते हुए राज्य कर्मचारी का दर्जा देते हुए ₹26 हजार मासिक न्यूनतम वेतन निर्धारित किया जाए।
पेंशन, सहायता राशि और एएनएम भर्ती में आरक्षण की मांग
ज्ञापन में सेवानिवृत्ति के बाद ₹10 लाख की एकमुश्त सहायता राशि तथा ₹12 हजार प्रतिमाह पेंशन की व्यवस्था करने की मांग भी की गई है।
इसके अलावा आगामी एएनएम भर्ती में अनुभवी आशा सहयोगिनियों को 50 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग उठाई गई। साथ ही केवल स्वास्थ्य विभाग से संबंधित कार्य ही लेने तथा अन्य विभागों के अतिरिक्त कार्यों से मुक्त रखने और प्रत्येक माह समय पर मानदेय का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग भी की गई।
मुख्यमंत्री तक मांगें पहुंचाने का अनुरोध
प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी से आग्रह किया कि उनकी मांगों से मुख्यमंत्री एवं महिला एवं बाल विकास विभाग को अवगत कराते हुए शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाए।
इस दौरान सुशीला, शीला, संगीता, सरिता, किरण, सुनीता, कंचन देवी सहित बड़ी संख्या में आशा सहयोगिनियां मौजूद रहीं।






