झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी क्षेत्र की ग्राम पंचायत छापोली स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल डूंगरी वाले श्री बालाजी महाराज मंदिर के प्राचीन एवं सार्वजनिक मार्ग को अवरुद्ध किए जाने का मामला सामने आया है। इसको लेकर आक्रोशित ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने तहसीलदार झंडू राम कुड़ी को ज्ञापन सौंपकर मार्ग से अतिक्रमण हटाने और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।
हजारों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है मंदिर
ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि डूंगरी वाले बालाजी मंदिर आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां प्रतिवर्ष रामनवमी पर दो दिवसीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें रामायण पाठ, सुंदरकांड, रात्रि जागरण, मेला, कुश्ती प्रतियोगिता, छंद और धमाल जैसे आयोजन होते हैं।
इसके अलावा श्रावण मास में आयोजित होने वाले विशाल भंडारे में भी हजारों श्रद्धालु दर्शन और प्रसाद ग्रहण करने पहुंचते हैं।
रास्ता बंद होने से श्रद्धालुओं को हो रही परेशानी
ग्रामीणों का आरोप है कि मंदिर तक जाने वाले वर्षों पुराने सार्वजनिक मार्ग को कुछ लोगों ने अवैध रूप से बंद कर दिया है। इससे श्रद्धालुओं, महिलाओं, बुजुर्गों और स्थानीय लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि मार्ग अवरुद्ध होने से मंदिर की नियमित धार्मिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।
सीमांकन और अतिक्रमण हटाने की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि शजरा, नक्शा और जमाबंदी जैसे राजस्व अभिलेखों के आधार पर मार्ग का सत्यापन कराया जाए। साथ ही राजस्व टीम भेजकर सीमांकन (पैमाइश) और मौके का निरीक्षण कराया जाए।
उन्होंने मांग की कि यदि यह मार्ग सार्वजनिक अथवा प्राचीन प्रचलित रास्ता पाया जाता है, तो उस पर किए गए सभी अवैध अवरोध तत्काल हटाए जाएं तथा कानून का उल्लंघन करने वाले संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। भविष्य में मार्ग दोबारा अवरुद्ध न हो, इसके लिए स्थायी व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
ग्रामीणों ने प्रमोद सैनी के नेतृत्व में प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान बलराम, प्रहलाद राम, रमेश, अजीत, विकास, कानाराम, राजेश, कैलाश, दीपक मित्रा, ओमप्रकाश सहित छापोली ग्राम पंचायत के अनेक ग्रामीण और श्रद्धालु उपस्थित रहे।






