उदयपुरवाटी। शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कस्बे में औचक निरीक्षण और सघन चेकिंग अभियान चलाया। बस स्टैंड और जयपुर रोड स्थित राजकीय अस्पताल के सामने संचालित अन्नपूर्णा रसोई सहित खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई।
सरकारी अस्पताल के सामने संचालित अन्नपूर्णा रसोई के निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। खाद्य पदार्थों के रखरखाव और रसोईघर में निर्धारित मानकों के पालन को लेकर भी अधिकारियों ने आपत्ति जताई।
14 दिन में सुधार के निर्देश
खाद्य सुरक्षा टीम ने रसोई संचालक को स्वच्छता और गुणवत्ता व्यवस्था में सुधार के लिए 14 दिन का समय दिया। अधिकारियों ने तय अवधि में आवश्यक सुधार नहीं होने पर लाइसेंस निरस्त करने और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
जूस और दही के सैंपल लिए
अन्नपूर्णा रसोई के निरीक्षण के बाद टीम ने जयपुर रोड पर खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की। इस दौरान दो प्रतिष्ठानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए।
राजकीय अस्पताल के पास स्थित बालाजी रसगुल्ला भंडार से पपीता और पाइनएप्पल जूस के नमूने लिए गए और उन्हें सील किया गया।
वहीं अस्पताल के पास स्थित गणपति जूस कॉर्नर से गुणवत्ता जांच के लिए दही का सैंपल लिया गया।
जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा अधिकारी महेंद्र सिंह ने बताया कि लिए गए सभी नमूनों को राज्य की केंद्रीय प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट में यदि मिलावट या मानकहीन सामग्री पाए जाने की पुष्टि होती है, तो संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी।
बीसीएमओ की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान बीसीएमओ डॉ. मुकेश भूपेश, खाद्य सुरक्षा अधिकारी महेंद्र सिंह, लालाराम यादव और सुमेर सिंह की संयुक्त टीम मौजूद रही।
इसके अलावा सूचना सहायक कैलाश चंद्र सैनी और अन्नपूर्णा रसोई संचालक भी कार्रवाई के दौरान मौजूद रहे।






