दिशा बैठक में फिर दिए गए निर्देश, लेकिन धरातल पर कब दिखेगा असर? झुंझुनूं में क्रियान्वयन पर उठ रहे सवाल
झुंझुनूं। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक गुरुवार को जिला परिषद सभागार में सांसद बृजेंद्र ओला की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
हालांकि बैठक के बाद एक बार फिर यह चर्चा शुरू हो गई है कि इन निर्देशों का जमीनी स्तर पर कितना असर दिखाई देगा। जिले में पूर्व में आयोजित दिशा समिति की बैठकों के बाद भी कई मामलों में अपेक्षित सुधार नहीं दिखने की बात स्थानीय स्तर पर उठती रही है।
पहले भी दिए गए थे सख्त निर्देश
जानकारी के अनुसार, सांसद बनने के बाद अपनी पहली दिशा बैठक में बृजेंद्र ओला ने अधिकारियों को दिए गए निर्देशों की 15 दिन बाद समीक्षा और फीडबैक लेने की बात कही थी। इसके बावजूद विभिन्न विभागों से जुड़े कई मुद्दों पर अपेक्षित प्रगति नहीं होने की चर्चा होती रही है।
क्रियान्वयन को लेकर उठ रहे सवाल
जिले में प्रत्येक दिशा बैठक के बाद प्रेस विज्ञप्ति जारी होती है और योजनाओं की समीक्षा तथा अधिकारियों को दिए गए निर्देशों की जानकारी साझा की जाती है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि कई समस्याओं में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आता। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि बैठकों में दिए जाने वाले निर्देशों का पालन किस स्तर तक सुनिश्चित हो रहा है।
विपक्षी सांसद होने की भी हो रही चर्चा
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी है कि क्या विपक्षी दल से सांसद होने के कारण प्रशासनिक स्तर पर उनके निर्देशों के पालन में अपेक्षित गंभीरता नहीं बरती जा रही है। हालांकि, इस संबंध में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है और न ही ऐसा कोई आधिकारिक निष्कर्ष उपलब्ध है।






