झुंझुनूं, जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण को लेकर सीएमएचओ डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने चिड़ावा, पिलानी, सूरजगढ़ और झुंझुनूं शहरी क्षेत्र की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में मौसमी चुनौतियों और सरकारी योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई।
शीतलहर से बचाव और दवाओं की उपलब्धता
सीएमएचओ ने शीतलहर बचाव के लिए दिए गए निर्देशों की पालना, आवश्यक व्यवस्थाओं और दवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मरीजों को किसी भी स्तर पर परेशानी नहीं होनी चाहिए।
संस्थागत प्रसव और लाडो योजना पर जोर
बैठक में संस्थागत प्रसव बढ़ाने और लाडो योजना की पेंडेंसी जीरो करने के निर्देश दिए गए।
डॉ. गुर्जर ने कहा,
“मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य हमारी प्राथमिकता है, सभी ब्लॉक समयबद्ध लक्ष्य पूरा करें।”
स्टाफ मुख्यालय पर रहे, टीबी मरीजों पर फोकस
सीएमएचओ ने बीसीएमओ को निर्देश दिए कि स्टाफ मुख्यालय पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहे।
साथ ही टीबी मरीजों की आभा आईडी बनाने और निक्षय पोर्टल पर अपडेट सुनिश्चित करने को कहा।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से सेवाओं का डिजिटलीकरण
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण पर जोर दिया गया।
पीसीटीएस और एचएमआईएस में जोड़ी गई नवीन सेवाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
टीबी मुक्त पंचायत और पोषण किट वितरण
डीटीओ डॉ. विजय सिंह ने ब्लॉक वाइज वनरेबल पॉपुलेशन की निक्षय आईडी में सही केटेगरी चयन के निर्देश दिए।
उन्होंने टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों के सभी मरीजों का भुगतान और वर्ष 2025 के शत-प्रतिशत मरीजों को पोषण किट वितरित कर अपडेट करने को कहा।
जिलेभर में सीपीआर ट्रेनिंग अभियान
निदेशालय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, जयपुर के निर्देशानुसार जिलेभर के चिकित्सा व शिक्षण संस्थानों में सीपीआर ट्रेनिंग दी गई।
सीएमएचओ डॉ. गुर्जर ने बताया,
“हृदयाघात की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए सीपीआर ट्रेनिंग ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाई जा रही है। इसके लिए किसी विशेष योग्यता की आवश्यकता नहीं।”
मेडिकल स्टाफ के साथ नॉन-मेडिकल स्टूडेंट्स को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है
