झुंझुनूं जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण को लेकर मंगलवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने खेतड़ी, बुहाना और सिंघाना ब्लॉक की संयुक्त समीक्षा बैठक ली।
बैठक में विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति और जमीनी स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई।
शीतलहर बचाव और दवा उपलब्धता की समीक्षा
CMHO ने बैठक में शीतलहर से बचाव के लिए दिए गए पूर्व निर्देशों की पालना में उठाए गए कदमों, आवश्यक व्यवस्थाओं और दवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने सभी स्वास्थ्य संस्थानों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए।
संस्थागत प्रसव और लाडो योजना पर फोकस
डॉ. गुर्जर ने
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संस्थागत प्रसव बढ़ाने,
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लाडो योजना की पेंडेंसी शून्य (जीरो) करने
के स्पष्ट निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समय पर पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए।
स्टाफ को मुख्यालय पर रहने के निर्देश
CMHO ने बीसीएमओ को निर्देश दिए कि सभी स्वास्थ्यकर्मी मुख्यालय पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
टीबी मरीजों और आयुष्मान डिजिटल मिशन पर निर्देश
बैठक में
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टीबी मरीजों की आभा आईडी बनाने,
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आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण
पर विशेष जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि डिजिटल सेवाओं से आमजन को तेज और पारदर्शी स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।
मातृ-शिशु सेवाओं का डिजिटल एकीकरण
आरसीएचओ डॉ. दयानंद सिंह ने बताया कि
पीसीटीएस और एचएमआईएस में एफसीएम सहित सभी मातृ एवं शिशु सेवाओं को जोड़ा गया है।
इससे न केवल लाभार्थियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि एक मजबूत डेटा बेस भी तैयार होगा।
टीबी मुक्त पंचायत और निक्षय योजना
डीटीओ डॉ. विजय सिंह ने
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वनरेबल पॉपुलेशन की निक्षय आईडी में सही केटेगरी चयन,
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टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों के शत-प्रतिशत मरीजों का External भुगतान,
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वर्ष 2025 के सभी टीबी मरीजों को पोषण किट वितरण कर निक्षय पोर्टल पर अपडेट
करने के निर्देश दिए।
प्रशिक्षण भी दिया गया
बैठक में
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सांख्यिकी अधिकारी सुभाष चंद्र,
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सुनील कुमारी,
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डीएनओ अजय बलवदा
द्वारा संबंधित कार्मिकों को आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया गया।
