झुंझुनूं: स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा, PCPNDT पर सख्ती
जिले के दौरे पर आए जिला प्रभारी सचिव नवीन जैन ने रविवार को चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर स्वास्थ्य विभाग की जनहितकारी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।
सीएमएचओ डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने बताया कि प्रभारी सचिव ने सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
आयुष्मान, जांच व दवा योजना का फीडबैक
प्रभारी सचिव नवीन जैन ने
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मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना
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नि:शुल्क जांच योजना
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नि:शुल्क दवा योजना
का फीडबैक लेते हुए कहा कि इन योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।
भ्रूण लिंग परीक्षण पर कड़ा रुख
बाल लिंगानुपात संतुलन को लेकर उन्होंने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि
भ्रूण लिंग परीक्षण करने वालों के खिलाफ निरंतर PCPNDT डिकॉय ऑपरेशन किए जाएं।
उन्होंने सभी PCPNDT सक्षम प्राधिकारियों को सोनोग्राफी केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
मुखबिर योजना को जन-जन तक पहुंचाने के निर्देश
प्रभारी सचिव नवीन जैन ने कहा कि PCPNDT मुखबिर योजना की जानकारी समुदाय स्तर तक पहुंचना बेहद जरूरी है।
जब तक अधिकारियों को खुद योजना की पूरी जानकारी नहीं होगी, तब तक डिकॉय ऑपरेशन सफल नहीं हो पाएंगे।
सूचना देने पर मिलते हैं 3 लाख रुपये
सीएमएचओ डॉ. गुर्जर ने बताया कि
भ्रूण लिंग परीक्षण की सही सूचना देकर PCPNDT डिकॉय ऑपरेशन सफल कराने पर सरकार द्वारा 3 लाख रुपये की ईनामी राशि दी जाती है।
राशि का वितरण इस प्रकार है:
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मुखबिर – 1,00,000 रुपये
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गर्भवती महिला – 1,50,000 रुपये
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सहयोगी – 50,000 रुपये
पहली किश्त (प्रकरण दर्ज होते ही):
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मुखबिर: 50,000
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गर्भवती महिला: 50,000
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सहयोगी: 25,000
दूसरी किश्त (न्यायालय में बयान के बाद):
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मुखबिर: 50,000
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गर्भवती महिला: 1,00,000
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सहयोगी: 25,000
यहां दें सूचना, पहचान रहेगी गोपनीय
सीएमएचओ ने जिलेवासियों से अपील की कि वे जिम्मेदार नागरिक बनकर भ्रूण लिंग परीक्षण रोकने में सहयोग करें।
व्हाट्सएप नंबर: 9799997795
ई-मेल: [email protected]
सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।
