चित्तौड़गढ़ में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वंदे मातरम विवाद को लेकर कांग्रेस और सोनिया गांधी पर तीखा हमला बोला। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम के गायन के दौरान सोनिया गांधी ने इसे रोकने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से कहा। कांग्रेस ने इस आरोप से इनकार करते हुए कहा है कि सोनिया गांधी केवल खड़गे के लिए कुर्सी की व्यवस्था करने को कह रही थीं।
अमित शाह ने अपने संबोधन में इस मुद्दे को राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय गीत के सम्मान से जोड़ते हुए कांग्रेस से माफी की मांग की। उन्होंने कहा कि देश की जनता इस घटना को देख रही है और इसे स्वीकार नहीं करेगी।
‘सोनिया जी, 140 करोड़ जनता आपको देख रही है’
अमित शाह ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर और देशभर में वंदे मातरम के गायन को उन्होंने महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के कारण पार्टी ने वंदे मातरम को वह सम्मान नहीं दिया, जिसका वह हकदार है।
कांग्रेस मुख्यालय की घटना का जिक्र करते हुए शाह ने सोनिया गांधी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
हालांकि, कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज किया है। कांग्रेस के संचार प्रभारी जयराम रमेश के मुताबिक, सोनिया गांधी ने वंदे मातरम रोकने के लिए नहीं कहा था, बल्कि लंबे समय से खड़े मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी लाने को कहा था। कांग्रेस ने यह भी कहा कि कार्यक्रम में वंदे मातरम का पूर्ण संस्करण गाया गया था।
अटल बिहारी वाजपेयी को भी किया याद
अमित शाह ने चित्तौड़गढ़ में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण करते हुए उनके राजनीतिक जीवन और राष्ट्रवादी विचारों को याद किया। उन्होंने कहा कि वाजपेयी लंबे समय तक विपक्ष में रहे, लेकिन राष्ट्रहित और सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।
शाह ने पोखरण परमाणु परीक्षण सहित अटल सरकार के फैसलों का उल्लेख किया। उन्होंने आदिवासी कल्याण के लिए अलग मंत्रालय की शुरुआत को भी वाजपेयी सरकार की महत्वपूर्ण पहल बताया।
5,659 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का भी उल्लेख
कार्यक्रम के दौरान राजस्थान के 15 जिलों में करीब 5,659 करोड़ रुपये की लागत वाली 944 विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण का भी उल्लेख किया गया।
शाह ने वाजपेयी के व्यक्तित्व का वर्णन करते हुए कहा कि उन्होंने पत्रकार के रूप में कलम, कवि के रूप में शब्दों और प्रधानमंत्री के रूप में अपने फैसलों के जरिए राष्ट्रवाद को आगे बढ़ाया।
वंदे मातरम को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच यह विवाद अब राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है। दोनों दलों की ओर से इस घटना की अलग-अलग व्याख्या सामने आई है






