धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद AAP पर बढ़ा दबाव, भाजपा ने पंजाब पर साधा निशाना
नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पेपर लीक और परीक्षा घोटालों को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। विपक्षी दलों ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार को घेरते हुए शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
विपक्ष ने उठाए सवाल
शिरोमणि अकाली दल की नेता और बठिंडा सांसद हरसिमरत कौर बादल ने पंजाब सरकार और आप नेतृत्व पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि युवाओं ने एक मजबूत संदेश दिया है कि काम में नाकामी पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उनके मुताबिक, पंजाब में पिछले कुछ वर्षों में कई परीक्षा घोटाले सामने आए हैं और इसके लिए सरकार को नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
हरसिमरत कौर ने आरोप लगाया कि पंजाब में परीक्षा घोटालों की वजह से लाखों युवा प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षा और स्वास्थ्य, दोनों क्षेत्रों में जवाबदेही दिखानी चाहिए।
मनीष सिसोदिया के बयान पर घेराबंदी
इधर भाजपा ने भी आप नेता मनीष सिसोदिया को उनके पुराने बयान को लेकर घेरा। भाजपा नेताओं ने सवाल उठाया कि जब सिसोदिया ने खुद कहा था कि पेपर लीक होने पर शिक्षा मंत्री को हटाया जाएगा, तो अब पंजाब में सामने आए मामलों पर आप सरकार क्या कदम उठाएगी।
भाजपा ने इस मुद्दे को लेकर आप की नीतियों और उसकी जवाबदेही पर सवाल खड़े किए हैं। लोगो का कहना है कि एक मामले में अलग और दूसरे में अलग मानदंड नहीं अपनाए जा सकते।
राजनीतिक दबाव बढ़ा
इस पूरे मामले ने पंजाब की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता और शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता जैसे मुद्दे अब सीधे राजनीतिक टकराव का रूप ले चुके हैं।
फिलहाल सत्ता पक्ष की ओर से इस आलोचना पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन जिस तरह विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साध रहा है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।






