झुंझुनूं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ राष्ट्रीय नेता एवं थिंक टैंक डॉ. इन्द्रेश कुमार तथा झुंझुनूं जिले के भीमसर गांव निवासी युवा लेखक एवं शोधकर्ता डॉ. जुल्फिकार का संयुक्त शोधपत्र इंटरनेशनल मल्टीफोकल रिसर्च जर्नल में प्रकाशित हुआ है। यह शोधपत्र ‘एक कर्मयोगी की राजस्थान यात्राएँ’ विषय पर आधारित है।
शोध में स्वामी विवेकानंद के राजस्थान प्रवास के दौरान बिताए गए 316 दिनों का विस्तृत अध्ययन प्रस्तुत किया गया है।
राजस्थान के छह जिलों की यात्राओं का विस्तृत अध्ययन
शोधपत्र में स्वामी विवेकानंद की अलवर, जयपुर, किशनगढ़-अजमेर, माउंट आबू, खेतड़ी और जोधपुर की यात्राओं का विश्लेषण किया गया है। साथ ही उनके प्रवास के दौरान आमजन, विद्वानों, संन्यासियों, चिंतकों तथा तत्कालीन राजाओं से हुई मुलाकातों, विचार-विमर्श और व्याख्यानों का भी उल्लेख किया गया है।
शोधकर्ताओं का मानना है कि यह अध्ययन भविष्य में स्वामी विवेकानंद और राजस्थान के संबंधों पर शोध करने वाले विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए उपयोगी संदर्भ सामग्री सिद्ध हो सकता है।
डॉ. जुल्फिकार लंबे समय से कर रहे हैं शोध
डॉ. जुल्फिकार स्वामी विवेकानंद के जीवन और विचारों पर लंबे समय से शोध कर रहे हैं तथा इस विषय पर कई पुस्तकें भी लिख चुके हैं। बताया गया है कि डॉ. इन्द्रेश कुमार और डॉ. जुल्फिकार का यह विषय पर संयुक्त शोधपत्र अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित होने वाला अपने प्रकार का पहला शोध माना जा रहा है।
इस उपलब्धि पर विभाग संघचालक अशोक सिंह शेखावत सहित विभिन्न सामाजिक एवं संगठनात्मक पदाधिकारियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए दोनों शोधकर्ताओं को शुभकामनाएं दीं।
प्रधानमंत्री मोदी और डॉ. इन्द्रेश कुमार के संबंध का उल्लेख
प्रेस विज्ञप्ति में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डॉ. इन्द्रेश कुमार का परिचय वर्षों पुराना है। इसमें दावा किया गया है कि वर्ष 1975 के आपातकाल के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक प्रशिक्षण कार्यक्रम में दोनों ने साथ प्रशिक्षण प्राप्त किया था। इसके बाद दोनों ने संगठन में अलग-अलग दायित्वों का निर्वहन किया। (इस ऐतिहासिक दावे का स्वतंत्र सत्यापन इस समाचार में नहीं किया गया है।)






