नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐलान के बाद देश में छात्रों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क तैयार करने की कवायद तेज हो गई है।
शिक्षा मंत्रालय इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए तेजी से काम कर रहा है। इसके लिए आईआईटी मद्रास और उसके एक्सीलेंस एआई सेंटर फॉर एजुकेशन ‘बोधन एआई’ को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।
योजना से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, सब कुछ निर्धारित योजना के अनुसार रहा तो अक्टूबर तक ऑनलाइन मुफ्त कोचिंग की शुरुआत की जा सकती है।
UPI की तर्ज पर हो सकता है प्लेटफॉर्म
प्रस्तावित व्यवस्था को लेकर सामने आई योजना में इसे UPI की तर्ज पर आसान और सुलभ बनाने पर विचार किया जा रहा है।
इसमें स्कैन करने के बाद छात्रों को संबंधित विषय की अध्ययन सामग्री और जरूरी शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराने की योजना है।
इसके साथ ही प्रत्येक छात्र को एआई ट्यूटर मुहैया कराने का प्रस्ताव है। यह एआई ट्यूटर पढ़ाई के दौरान छात्रों के सवालों का जवाब देने और उनकी समस्याओं को समझने में मदद कर सकता है।
खास बात यह होगी कि एआई आधारित सहायता 24 घंटे उपलब्ध रखने की योजना है।
शिक्षा मंत्रालय और NCERT की दो बैठकें
सूत्रों के मुताबिक, ऑनलाइन मुफ्त कोचिंग प्लेटफॉर्म तैयार करने को लेकर शिक्षा मंत्रालय और NCERT की आईआईटी मद्रास व बोधन एआई के साथ दो बैठकें हो चुकी हैं।
बैठकों में अलग-अलग कक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की जरूरत के हिसाब से गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने को लेकर चर्चा हुई है।
मुफ्त कोचिंग को इस तरह तैयार करने पर भी विचार किया जा रहा है कि वह निजी कोचिंग संस्थानों के मुकाबले छात्रों के लिए प्रभावी और प्रतिस्पर्धी विकल्प बन सके।
NCERT की सामग्री से भी जोड़ा जाएगा
NCERT पहले से ही दीक्षा पोर्टल के माध्यम से स्कूली छात्रों को विभिन्न कक्षाओं और विषयों की अध्ययन सामग्री उपलब्ध करा रहा है।
ऐसे में प्रस्तावित मुफ्त कोचिंग प्लेटफॉर्म में उपलब्ध संसाधनों और अध्ययन सामग्री के बेहतर इस्तेमाल पर भी चर्चा की जा रही है।
इसका उद्देश्य छात्रों को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर भटकने के बजाय एक जगह पर पढ़ाई, अभ्यास और एआई आधारित सहायता उपलब्ध कराना है।
JEE Main और NEET-UG की भी तैयारी
प्रस्तावित ऑनलाइन मुफ्त कोचिंग में केवल स्कूली पढ़ाई तक सीमित रहने के बजाय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कराने की योजना है।
इसमें खास तौर पर JEE Main और NEET-UG जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं को शामिल करने के लिए विशेष योजना तैयार की जा रही है।
इससे उन छात्रों को फायदा मिलने की उम्मीद है, जो महंगी निजी कोचिंग का खर्च वहन नहीं कर पाते हैं।
‘साथी’ प्लेटफॉर्म की सामग्री का भी अध्ययन
मुफ्त कोचिंग के लिए पहले से चल रहे ‘साथी’ प्लेटफॉर्म की विषयवस्तु का भी अध्ययन किया जा रहा है।
इसमें आईआईटी कानपुर की मदद से संचालित मुफ्त कोचिंग की सामग्री और अनुभवों को देखा जा रहा है, ताकि प्रस्तावित नए प्लेटफॉर्म को और बेहतर बनाया जा सके।
दूरदराज के छात्रों तक पहुंचाने पर फोकस
योजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य ऑनलाइन कोचिंग को देश के दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों तक पहुंचाना है।
डिजिटल माध्यम से कोचिंग उपलब्ध होने पर उन छात्रों को भी गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री और परीक्षा की तैयारी में मदद मिल सकती है, जिनके क्षेत्र में बड़े कोचिंग संस्थानों की पहुंच सीमित है।
निजी कोचिंग के खर्च से राहत देने की पहल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को देश के मध्यमवर्गीय परिवारों पर निजी कोचिंग के बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करने के उद्देश्य से ऑनलाइन मुफ्त कोचिंग का नेटवर्क तैयार करने का ऐलान किया था।
अब शिक्षा मंत्रालय इस घोषणा को लागू करने की दिशा में काम कर रहा है।
अगर प्रस्तावित योजना समय पर लागू होती है तो छात्रों को मुफ्त अध्ययन सामग्री, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी और एआई आधारित व्यक्तिगत शैक्षणिक सहायता एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मिलने का रास्ता साफ हो सकता है।






