अब साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट और कॉस्मेटिक्स खरीदते समय ग्राहकों के लिए यह पहचानना आसान होगा कि संबंधित उत्पाद वेज है या नॉनवेज। सरकार ने इन उत्पादों की पैकेजिंग और लेबलिंग से जुड़े नियमों में बदलाव किया है।
नए प्रावधानों के तहत पैकेजिंग पर वेज-नॉनवेज की पहचान करने वाला संकेत इस तरह प्रदर्शित किया जाएगा कि ग्राहक उसे आसानी से देख सकें। नए नियम 21 सितंबर से लागू हो गए हैं।
लीगल मेट्रोलॉजी रूल्स में बदलाव
केंद्र सरकार ने उत्पादों की लेबलिंग से जुड़ी आवश्यकताओं को लेकर Legal Metrology Rules, 2011 में संशोधन किया है। इसके तहत संबंधित संकेत को पैकेज के मुख्य डिस्प्ले पैनल के ऊपरी हिस्से में प्रदर्शित करने का प्रावधान किया गया है।
इसका उद्देश्य खरीदारी के समय ग्राहकों को उत्पाद की वेज या नॉनवेज प्रकृति की जानकारी आसानी से उपलब्ध कराना है।
कंपनियों को पैकेजिंग में करना होगा बदलाव
नए नियमों के दायरे में खास तौर पर साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट, कॉस्मेटिक्स और अन्य टॉयलेटरीज शामिल हैं। नियम लागू होने के बाद कंपनियों को नई सप्लाई के लिए अपनी पैकेजिंग और लेबलिंग में आवश्यक बदलाव करने होंगे।
इससे ग्राहक को पैकेट पर ही उत्पाद के वेज या नॉनवेज होने की जानकारी मिल सकेगी।
क्यों बदले गए नियम?
नियमों में बदलाव का उद्देश्य पैकेजिंग पर उपलब्ध जानकारी को ज्यादा स्पष्ट और आसानी से समझने योग्य बनाना है। इससे ग्राहकों को उत्पाद की प्रकृति जानने के लिए लेबल पर छोटे अक्षरों में दी गई जानकारी खोजने में कम परेशानी होगी।
हालांकि, उत्पाद से जुड़ी अन्य जरूरी जानकारी के लिए ग्राहकों को पैकेज पर दिए गए पूरे लेबल और सामग्री संबंधी विवरण को पढ़ना जरूरी रहेगा।
खरीदारी करते समय कहां देखें संकेत?
साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट या कॉस्मेटिक खरीदते समय ग्राहक पैकेज के मुख्य डिस्प्ले पैनल के ऊपरी हिस्से में वेज-नॉनवेज से जुड़ा संकेत देख सकते हैं।
यह संकेत उत्पाद की वेज या नॉनवेज प्रकृति की पहचान में मदद करेगा। वहीं, किसी उत्पाद की अन्य सामग्री, उपयोग, मात्रा और दूसरी जरूरी जानकारी के लिए पैकेज पर दिए गए विस्तृत लेबल को पढ़ना जरूरी होगा।






