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जिला प्रशासन की सख्ती
नीमकाथाना, पूरे प्रदेश में अवैध खनन के खिलाफ राज्य सरकार द्वारा संचालित विशेष अभियान की अवधि 31 जनवरी को पूरी हो जाने के बाद भी नीमकाथाना जिले में सम्बंधित विभागों की संयुक्त कार्रवाई जारी रहेगी. जिला कलक्टर शरद मेहरा ने इसके लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं. उन्होंने खनन, वन, राजस्व, परिवहन और पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे आपसी सहयोग के साथ खनन क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण करें. मेहरा ने गुरुवार को अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि अवैध खनन की रोकथाम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसके लिए अधिकारियों और कार्मिकों की अपने-अपने क्षेत्र में अवैध खनन के लिए व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी. उन्होंने अवैध खनन को रोकने के लिए संयुक्त कार्रवाई पर जोर देते हुए कहा कि ऐसा करना अधिक प्रभावी और सुरक्षित होगा. उन्होंने सभी सम्बंधित विभागों के अधिकारियों से सूचनाओं, संसाधनों और सहयोग के लिए आपसे में समन्वय करने के निर्देश दिए.
जिला कलक्टर ने कहा कि बिना नम्बर और फर्जी नम्बर प्लेट वाले वाहनों से खनिजों के ढुलाई, ओवरलोडिंग और अवैध विस्फोट के प्रकरणों में खान विभाग के साथ-साथ पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारी समानांतर कार्रवाई करें, जिससे अलग-अलग प्रकरण दर्ज होने पर अवैध कारोबारी हतोत्साहित होंगे. इसी प्रकार, वन क्षेत्र में अवैध या बंद पड़ी खान अथवा आवंटन के बिना ही खनिज निकालने पर भी खान विभाग के साथ-साथ वन, राजस्व तथा पुलिस द्वारा कार्रवाई की जाएगी. मेहरा ने जिले में संचालित क्रेशर यूनिटों एवं बंद की गई यूनिटों के भौतिक सत्यापन, खनन कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों, खनन, वन, राजस्व, पुलिस और परिवहन विभागों के पास उपलब्ध सूचनाओं के अध्ययन और विश्लेषण के आधार पर अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि अधिकारी कोई भी कार्रवाई करते समय अपनी सुरक्षा का भी ध्यान रखें. उन्होंने इसके लिए संबंधित विभागों की संयुक्त कार्रवाई पर जोर दिया.
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर अनिल कुमार, उपखंड अधिकारी राजवीर सिंह यादव, जिला परिषद् एसीईओ मुरारी लाल शर्मा, पुलिस उप अधीक्षक जोगेंद्र सिंह, खान विभाग के अशोक वर्मा, प्रमोद कुमार और देवेन्द्र चौहान, परिवहन इंस्पेक्टर राजेंद्र मीणा और रोबिन सिंह, वन विभाग के रेंजर भीम सिंह यादव और विजय कुमार फगेरिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थति थे।
