Archive Notice: This article was originally published on 16 अक्टूबर 2023.
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नीमकाथाना, [अमित अग्रवाल] जिला नीमकाथाना स्थित नरसिंह मंदिर प्रांगण में उपस्थित सभी मंदिर के पुजारीयों ने विद्वत परिषद जिला नीमकाथाना के निर्णय को स्वीकृति प्रदान करते हुए दिनांक 27 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा महोत्सव मनाए जाने का निर्णय लिया जानकारी देते हुए पं. विकास शास्त्री ने बताया कि गौरतलब है कि इस बार शरद पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण होने की वजह से पूर्णिमा के एक दिन पूर्व चतुर्दशी तिथि को शरद पूर्णिमा महोत्सव मनाने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया जिसमें विद्वानों ने अपने विचार रखते हुए बताया कि शरद पूर्णिमा महोत्सव चतुर्दशी तिथि दिनांक 27 अक्टूबर को ही मनाया जाना श्रेष्ठ कर रहेगा क्योंकि 29 तारीख को कृष्ण पक्ष की शुरुआत होने के साथ ही चंद्रमा की एक कला का भी क्षय हो रहा है इस हेतु 29 तारीख को प्रतिपदा तिथि आ जाने के कारण व पक्ष बदलने के कारण साथ ही चंद्रमा की एक कला का भी क्षय होने के कारण श्रेष्ठ कर नहीं है विद्वत परिषद के द्वारा दिए गए इस निर्णय को सभी मंदिर के पुजारीयों एवं प्रबुद्ध जनों ने स्वीकृति प्रदान की।

ये रहे मौजूद।
शरद पूर्णिमा महोत्सव के निर्णय को स्वीकृति देने में विद्वत परिषद जिला नीमकाथाना के सदस्य हेमंत भारद्वाज, पंडित रमेश शर्मा पंडित बंटी शर्मा पंडित अमित शर्मा पंडित दीपेंद्र शर्मा मनोज गोड़,पंडित पुरुषोत्तम जोशी,राज नारायण शर्मा ने भी अपनी सहमति दी इसी के साथ मंदिर पुजारी में नरसिंह मंदिर के महंत बजरंगलाल शर्मा मुरली मनोहर मंदिर के बजरंग लाल शर्मा जानकीनाथ मंदिर के महंत सत्यनारायण शर्मा, श्याम मंदिर नीमकाथाना से लक्ष्मी नारायण शर्मा,बालाजी मंदिर से शंकर लाल शर्मा राम मंदिर के हितेंद्र जोशी बालाजी मंदिर के शुभकरण,सत्यनारायण मंदिर से रविंद्र शर्मा,अधर शिला बालाजी मंदिर के अशोक शर्मा, सुशील शास्त्री, प्रोफेसर संतोष शर्मा, व्याख्याता मुकेश शर्मा उपस्थित रहे।

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