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नीमकाथाना, जिले में खनन के कार्य में बिना नम्बर और फर्जी नम्बर प्लेट वाले वाहनों से खनिजों की ढुलाई, ओवरलोडिंग और अवैध विस्फोट के प्रकरणों में खान विभाग, पुलिस और परिवहन विभागों के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई करेंगे. जिला कलक्टर शरद मेहरा ने गुरुवार को अधिकारियों को इसके लिए निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि जिले में बिना रजिस्टर्ड नम्बर की गाड़ियों का संचालन सहित खनन कार्य में कोई भी अवैध गतिविधि नहीं हो। मेहरा ने विभिन्न अधिकारियों के साथ एक संयुक्त बैठक में निर्देश दिए कि परिवहन और पुलिस विभाग अवैध गतिविधियों में लगे वाहनों की सूचना और रिकॉर्ड संधारण कर आपस में साझा करें तथा समन्वय के साथ उनके खिलाफ कार्रवाई करें।
क्रेशर मशीनों का भौतिक सत्यापन
कलक्टर ने कहा कि खनन और राजस्व विभाग नीमकाथाना जिले में संचालित खनन क्षेत्रों में लगे हुए क्रेशर मशीनों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा. सभी विभाग खनन क्षेत्रों में अपने विभाग का एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाना सुनिश्चित करें, जिससे जिले में होने वाली अवैध खनन की सूचना का आंकलन किया जा सके। आगामी दिनों में खनन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस विभाग द्वारा अवैध खनन को रोकने और दंडित करने के लिए संयुक्त अभियान चलाया जाएगा, जिसकी जिला कलक्टर द्वारा साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी।
आयरन खनिज के अवैध खनन पर रोक
मेहरा ने निर्देश दिए कि जिले में खनन, राजस्व, पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त कार्यवाही में आयरन खनिज के अवैध खनन पर रोक पर फोकस किया जाएगा. उपखण्ड अधिकारी और खनन विभाग के अधिकारी संयुक्त रूप से बंद पड़ी माइनिंग का निरीक्षण करेंगे और चालू पाए जाने या अवैध खनन पाए जाने पर आवश्यक कार्यवाही करेंगे। आयरन खनिज के अवैध खनन को रोकने हेतु खनन विभाग योजना तैयार करेगा। वन क्षेत्र में अवैध या बंद पड़ी खान और आंवटन के बिना ही खनिज निकालने पर भी खान विभाग के साथ-साथ वन, राजस्व और पुलिस द्वारा कार्रवाई की जाएगी।
व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय होगी
कलक्टर ने कहा कि विभिन्न विभागों की संयुक्त टीम क्षेत्रवार खनिजों के अवैध खनन, परिवहन, भण्डारण एवं ओवरलोड पर की गई कार्यवाही के बारे में दैनिक रिपोर्ट कलक्टर कार्यालय में प्रस्तुत करेंगी. सभी अधिकारी अपने क्षेत्राधिकार में अवैध खनन की शिकायत मिलने पर स्वतः संज्ञान लेते हुए प्रभावी कार्यवाही की सुनिश्चितता करेंगे। पटवारी एवं ग्राम विकास अधिकारी को अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध खनन की सूचना देने के लिए जिम्मेदार बनाया जाएगा और लापरवाही पर उनके विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। प्रदेश में अवैध खनन के खिलाफ राज्य सरकार की ओर से संचालित विशेष अभियान की अवधि पूरी हो जाने के बाद भी जिले में विभागों की संयुक्त कार्रवाई जारी रहेगी। अवैध खनन के लिए सम्बंधित क्षेत्रों के अधिकारियों और कार्मिकों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी।
सिलिकोसिस की जांच हेतु पाटन क्षेत्र में शिविर
मेहरा के अनुसार, खनन विभाग सिलिकोसिस बीमारी की जांच हेतु इसी सप्ताह पाटन क्षेत्र में एक स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन करेगा. उस शिविर में आने वाली समस्याओं को समाधान कर अन्य स्थानों पर भी शिविरों का आयोजन किया जाएगा।
खनन और क्रेशर से निकलने वाले अपशिष्ट का निस्तारण उचित तरीके से नहीं किया जाता है, तो खनन ही क्रेशर मालिकों को नोटिस दिया जाएगा। सार्वजनिक निर्माण विभाग एवं वन विभाग मलबा हटवाने की कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग, उपखण्ड अधिकारी विभिन्न क्षेत्रों को संवेदनशील जोन के रूप में चिन्हित करेंगे। वन विभाग अपने क्षेत्र में अवैध खनन वाले क्षेत्र में प्लांटेशन ही दीवार निर्माण की कार्रवाई करेगा। माइनिंग क्षेत्र में हो रही हैवी ब्लास्टिंग की जांच कर उचित कार्यवाही की जाएगी। परिवहन विभाग के अधिकारी अस्थायी नाके बनाने के साथ ही मॉडिफाई वाहनों पर कार्यवाही करेंगे।
