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जयपुर | सुभाष प्रजापत अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ (AISGEF) का 18वां राष्ट्रीय सम्मेलन 23 से 26 जनवरी 2026 तक शिरडी (महाराष्ट्र) में आयोजित किया जाएगा। इस चार दिवसीय सम्मेलन में देशभर के राज्य सरकारी कर्मचारी अपने अधिकारों को लेकर निर्णायक रणनीति तय करेंगे।
देशभर से 1000 से अधिक प्रतिनिधि होंगे शामिल
सम्मेलन में देश के सभी राज्यों से सदस्यता के आधार पर चुने गए लगभग एक हजार प्रतिनिधि भाग लेंगे। यह सम्मेलन कर्मचारी आंदोलनों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
राजस्थान से 40 प्रतिनिधि रवाना
अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष महावीर शर्मा और महामंत्री महावीर सिहाग के नेतृत्व में राजस्थान से विभिन्न घटक संगठनों के 40 चुने हुए प्रतिनिधि 21 जनवरी को शिरडी के लिए रवाना हुए।
राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत) का प्रतिनिधित्व
राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत) की ओर से इस राष्ट्रीय सम्मेलन में
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हेमंत खराड़ी (प्रांतीय उपाध्यक्ष)
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अशोक लोदवाल
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शुभकरण नैण
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प्रकाश चौधरी
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पृथ्वीराज लेघा
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सुरेंद्र सीगड़
सम्मिलित होंगे।
इन प्रमुख मांगों पर होगी गहन चर्चा
सम्मेलन में केंद्र व राज्य सरकारों की नीतियों की समीक्षा करते हुए कर्मचारियों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा होगी, जिनमें प्रमुख हैं
पुरानी पेंशन योजना (OPS) की पूर्ण बहाली
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आठवें वेतन आयोग का शीघ्र गठन व क्रियान्वयन
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संविदा व आउटसोर्स कर्मचारियों का नियमितीकरण
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रिक्त पदों पर स्थायी भर्ती
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लेबर कोड्स और पब्लिक सर्विस के निजीकरण का विरोध
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नई शिक्षा नीति (NEP) व बिजली संशोधन विधेयक पर चर्चा
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संविधान के अनुच्छेद 310 एवं 311 (2) ए, बी, सी को निरस्त करने की मांग
अंतरराष्ट्रीय स्तर के नेता करेंगे संबोधन
इस सम्मेलन में महासंघ के शीर्ष पदाधिकारी के साथ-साथ ट्रेड यूनियन इंटरनेशनल (पब्लिक सर्विस) के जनरल सेक्रेटरी भी प्रतिनिधियों को संबोधित करेंगे।
निर्णायक आंदोलन की तैयारी
महासंघ ने स्पष्ट किया है कि सम्मेलन के बाद देशव्यापी निर्णायक आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी, जिससे राज्य सरकारी कर्मचारियों की मांगों को मजबूती से उठाया जा सके।
