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सरकार ने पहले से जारी उन नियमों को फिर से दोहराया है जो रिटायरमेंट के बाद पेंशन में मनमानी कटौती और रिकवरी से पेंशनरों को सुरक्षा देते हैं। सरकार ने कहा है कि उनका मकसद पेंशन में होने वाले भ्रष्टाचार को खत्म करना और पारदर्शिता को बढ़ाना है।
वित्त मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय पेंशन शाखा लेखा कार्यालय के द्वारा स्पष्ट किया गया है कि किसी पेंशनर या फैमिली पेंशनर की मृत्यु होने के बाद, CPPC केवल एक तय प्रक्रिया का ही पालन करेगा। कोई भी नियम का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ गंभीर कार्रवाई की जाएगी।
यह निर्देश भले ही तकनीकी लगे लेकिन इसका सीधा फायदा दिवंगत पेंशनरों के परिवार को मिलने वाला है। इससे फैमिली पेंशनरों को काफी फायदा होगा और उन्हें दफ्तरों का चक्कर नहीं लगाना होगा।
सरकार के द्वारा पेंशन कटौती और रिकवरी को लेकर भी पेंशनरों को राहत दी गई है। पेंशन एवं पेंशन भोगी कल्याण विभाग के द्वारा साफ किया गया है कि एक बार पेंशन या फैमिली पेंशन फाइनल हो जाने के बाद उसे घटाया नहीं जा सकता है।
