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कई चुनौतियों के बाद सफर हुआ आसान
अधिक जानकारी के लिए बता दे कि काफी चुनौतियों के बाद ये सफर आसान हुआ है। इस पूरे प्रोजेक्ट को कई चरणों में पूरा किया गया। इसमें पर्यावरण मंजूरी, जमीन अधिग्रहण और बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण जैसी कई तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लगभग 210 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 दिसंबर 2021 को किया था।
दिल्ली में ट्रेफिक होगा कम
दिल्ली के हिस्से में एक्सप्रेसवे का एक बड़ा भाग एलीवेटेड बनाया गया है। इसकी शुरुआत अक्षरधाम मेट्रो स्टेशन के पास से होती है, जहां यह दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे से जुड़ता है। इस डिजाइन का उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी के अंदर ट्रैफिक जाम से बचाते हुए हाई-स्पीड यातायात उपलब्ध कराना है।
छह घंटे कि दुरी ढाई घंटे में तय
जानकारी के लिए बता दे कि करीब 11800 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह एक्सप्रेसवे यात्रियों के लिए वरदान साबित होगा। इसके शुरू होने के बाद दिल्ली से देहरादून की यात्रा केवल ढाई घंटे में पूरी हो सकेगी, जबकि पहले इसमें चार से छह घंटे लगते थे।
30 नवंबर आधी रात से सफर शरू
अधिक जानकारी के लिए बता दे कि 30 नवंबर की आधी रात से इस एक्सप्रेसवे को वाहनों के लिए ट्रायल आधार पर खोल दिया गया। गीता कॉलोनी इलाके में बैरिकेड्स हटाकर यातायात को एक्सप्रेसवे पर डायवर्ट किया गया, जिससे गाड़ियों की आवाजाही सुचारू रूप से शुरू हो सके। ट्रायल रन शुरू होने के बाद अब जल्द ही इस एक्सप्रेसवे का औपचारिक उद्घाटन होने की उम्मीद है। अधिकारी अंतिम परीक्षण और सुरक्षा जांच में जुटे हैं। उद्घाटन के बाद यह एक्सप्रेसवे यात्रियों को बड़ी राहत देगा और उत्तराखंड पर्यटन को भी मजबूत बढ़ावा मिलेगा।
