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इस योजना के तहत कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद पीएफ कोष (EPFO) में जमा धनराशि को पेंशन में बदलने का विकल्प दिया जा सकता है। सरकार की इस योजना से बुजुर्गों को बुढ़ापे में सहारा तो मिलेगा ही मिलेगा साथ ही साथ उनकी पेंशन में भी बढ़ोतरी होगी। इस योजना को लेकर आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में सरकार द्वारा बड़ी घोषणा की जा सकती है।
सरकार देगी सेवानिवृत्ति के बाद भी पीएफ कोष में जमा राशि पर ब्याज
सरकार सेवानिवृत्ति कर्मचारियों के लिए जो नई योजना लेकर आने की तैयारी कर रही है, उस योजना के तहत सेवानिवृत्ति कर्मचारियों को एक और बड़ा लाभ पहुंचाने की सरकार तैयारी कर रही है।
सरकार ऐसे कर्मचारी जो सेवानिवृत्ति के बाद आय के अन्य विकल्प के चलते अपनी पेंशन को 60-65 या अन्य किसी उम्र में शुरू करना चाहते हैं तो उनके पीएफ में जमा राशि को लेकर नए नियम बनाने जा रही है। नए नियमों के लागू होने के बाद सेवानिवृत्ति कर्मचारियों के पीएफ कोर्स में जमादार राशि पर सरकार की तरफ से सालाना ब्याज जोड़ा जाएगा।
इस राशि को कर्मचारी जिस उम्र में अपनी पेंशन में तब्दील करवाना चाहेगा, उसे उसी हिसाब से पेंशन मिलनी शुरू हो जाएगी। सरकार द्वारा सेवानिवृत्ति कर्मचारियों को बुढ़ापे में लाभ देने हेतु इस योजना पर भी काम किया जा रहा है।
अतिरिक्त अंशदान पर कर्मचारियों को मिल सकती है आयकर छूट
केंद्र सरकार कर्मचारियों को अतिरिक्त अंशदान पर आयकर छूट देने पर भी विचार कर रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मंत्रालय का मानना है कि लोग बैंकों में एफडी (FD) इसलिए नहीं करवाते क्योंकि उन्हें ब्याज कम मिलता है। जबकि पीएफ खाते में जमा राशि पर 8% से अधिक ब्याज दिया जाता है।
इस समय कर्मचारियों को अगर पीएफ खाते में एकमुश्त जमा की सुविधा दी जाती है, तो लोग पीएफ खातों में अतिरिक्त पैसा डालेंगे। इस योजना के तहत कर्मचारियों को अतिरिक्त अंशदान में आयकर छूट सीमा का लाभ देने पर विचार चल रहा है। इसके लिए वित्त मंत्रालय से भी चर्चा की गई है, ताकि वित्त मंत्रालय की मंजूरी के बाद इस योजना से जुड़ने के लिए कर्मचारियों को प्रोत्साहन मिल सके।
