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रतनगढ़ तहसील के निकटवर्ती ग्राम भींचरी निवासी किशनसिंह राजपूत पुत्र हनुमानसिंह उम्र 30 वर्ष का अल सुबह 4 बजे आतंकवादियों से मुकाबला करते हुए शहीद हो गया। प्राप्त जानकारी अनुसार जम्मु कश्मीर के पुलवामा जिले के सिरून ग्राम में शनिवार को सुबह 4 बजे शुरू किये गये ऑपरेशन में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए किशनसिंह शहीद हो गया। गौरतलब है कि किशनसिंह का परिवार अपने पैतृक गांव भींचरी में ही रह रहा हैं। वहीं उसकी पत्नी संतोष व दो बेटे धर्मवीर 4 साल का व छोटा लडक़ा मोहित 2 साल का है। शहीद की पत्नी यहां स्थानीय खाडिया बास वार्ड संख्या 11 में किराए पर रहती है। पत्नी संतोष देवी को उक्त सूचना मोबाईल पर मिली तो वो बेहोश हो गई व आस-पड़ौस की महिलाएं घर पर पहुंचकर उसका ढ़ांढ़स बंधाया। उसके परिजनों को मोहल्लेवासियों ने पता करके सूचना दी जिस पर उसके परिजन पहुंचे। पूर्व देवस्थान मंत्री राजकुमार रिणवां ने अपनी गाड़ी से शहीद की पत्नी संतोषदेवी व मोहल्ले की तीन चार महिलाओं व गणमान्य जनों के साथ उन्हें ग्राम भींचरी पहुंचाया। वहीं उनके परिजन स्कूल में पढ़ रहे 4 वर्षीय धर्मवीर को स्कूल से लाकर अन्य गाड़ी में लेकर घर गये। शहीद किशनसिंह की सुचना ज्यों हि ग्राम में मिली मिलने के साथ ही पूरे गांव में शौक की लहर छा गई। शहीद किशनसिंह का शव कल रविवार को भींचरी पहुंचने की सम्भावना है।
