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यहां समझिये पूरा मामला
बता दें कि सिरसा के धानमंडी के आढ़ती को हनीट्रैप में फंसाकर तीन लाख रुपये हड़पने के मामले में पुलिस ने पहले गिरोह की सदस्य सीमा उर्फ सिमरन को पकड़ा था उसके बाद मुख्य सरगना प्रेमनगर निवासी कंचन को भी काबू कर लिया है।Haryana News
जांच में पता लगा कि आरोपिता कंचन रानी का असली नाम वीरपाल है, जो मूल रूप से नेजाडेला कलां की रहने वाली है। वह तलाकशुदा और एक बच्चे की मां है। कंचन धनाढ्य लोगों को अपना शिकार बनाकर पैसे ऐंठनें का काम करती थी।
दो पुलिस कर्मी भी थे शामिल
बताया जा रहा है कि उसका शादी के दौरान बिचौलिया बने उसके मौसेरे भाई अशोक कुमार से रुपयों को लेकर झगड़ा हो गया। उसके बाद कंचन ने उसके खिलाफ थाने में दुष्कर्म का झूठा मामला दर्ज करवा दिया था। जबकि दोनों के बीच बाद में समझौता हो गया। पहले पति के खिलाफ की गई शिकायत के बाद कंचन की पहचान कुछ महिलाओं और पुलिसकर्मियों से हुई, जिसके बाद उसने संगठित गिरोह बनाकर हनीट्रैप के जरिए लोगों को फांसने का खेल शुरू कर दिया। इसी मामले में सदर थाना के एसआइ जगदीश चंद और नायब रीडर विजय भी आरोपित पाए गए थे। मामला पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में आने पर दोनों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई थी।Haryana News
एक अन्य मेंबर कि तलाश जारी
पुलिस गैंग के एक अन्य सदस्य रमन की गिरफ्तारी के प्रयास में लगातार छापेमारी कर रही है। आरोपित रमन ही गिरोह के लिए लड़कियों की सप्लाई करता था। आढ़ती को फंसाने के मामले में पंजाब निवासी युवती को भी रमन ने ही कंचन से मिलवाया था जो कि काम की तलाश में सिरसा आई थी। आरोपित रमन कंचन के पड़ोस में रहता था। यहीं उसकी पहचान कंचन से हुई थी। वहीं बीते दिन कंचन का भाई रोहताश भी पुलिस से मिला। उसने कई बड़े खुलासे किए। रोहताश के अनुसार कंचन के गिरोह में कई लड़कियां मिली हुई हैं।Haryana News
