ई-मित्र केंद्र पर SSO ID बनाने के नाम पर ठगी का आरोप
झुंझुनूं जिले की मुकुंदगढ़ थाना पुलिस, साइबर थाना और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में करीब 40 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध साइबर फ्रॉड से जुड़े एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 2.68 लाख रुपये नकद, दो लैपटॉप, एक मोबाइल, 17 एटीएम कार्ड, 92 बैंक पासबुक, सात चेकबुक, 38 आधार कार्ड और एक माइक्रो एटीएम जब्त किया है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर (आईपीएस) के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेंद्र सिंह राजावत, वृत्ताधिकारी सुगन सिंह और साइबर थाना के वृत्ताधिकारी रामखिलाड़ी मीणा के सुपरविजन में मुकुंदगढ़ थाना प्रभारी गोपाल सिंह थालोर तथा साइबर थाना प्रभारी गोपाल लाल जांगिड़ के नेतृत्व में गठित टीम ने की।पुलिस के अनुसार, 4 अगस्त 2026 को मुकुंदगढ़ निवासी अक्षय ने रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि 10 अप्रैल 2025 को वह SSO ID बनवाने के लिए अंकित फोटो स्टेट एवं ई-मित्र केंद्र पर गया था।
आरोप है कि संचालक अंकित कुमार ने आधार कार्ड और पैन कार्ड लेकर कई बार बायोमेट्रिक अंगूठा लगवाया तथा इस दौरान उसके मोबाइल पर आए FINO Payment Bank के संदेश भी डिलीट कर दिए। बाद में सर्वर बंद होने का बहाना बनाकर उसे वापस भेज दिया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसकी जानकारी के बिना बैंक खाता खोलकर उसका उपयोग साइबर अपराध में किया गया।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की। जांच के बाद कसेरू निवासी 31 वर्षीय अंकित कुमार को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आरोपी के स्वयं के 16 बैंक खातों में करीब 40 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन सामने आया है। इसके अलावा जब्त की गई पासबुकों से जुड़े खातों पर देश के विभिन्न राज्यों में 16 साइबर शिकायतें दर्ज होना भी सामने आया है।पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी कथित रूप से अपनी सीएसपी (Customer Service Point) सेंटर के माध्यम से साइबर अपराधियों की ठगी की रकम कमीशन लेकर नकद में परिवर्तित करता था। पुलिस अब आरोपी से जुड़े अन्य संदिग्ध व्यक्तियों, साइबर नेटवर्क और कथित अवैध धन के स्रोतों की जांच कर रही है। ब्यूरो रिपोर्ट झुंझुनू






